दाेनाें राष्ट्रवादी दलाें के एक साथ आने के संदर्भ में अजित पवार और मेरे बीच क्या बातचीत हुई थी, यह केवल हम भाई-बहन काे ही मालूम है. अब मेरा भाई ही चला गया, ताे फिर क्या सही और क्या गलत साबित करना, क्याें पुराने आराेप-प्रत्याराेप निकालना. काम में जुट जाना और लाेगाें के काम करना ही दादा काे सच्ची श्रद्धांजलि हाेगी, ऐसा मत राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार) की नेता और सांसद सुप्रिया सुले ने दाेनाें दलाें के विलय के प्रश्न पर व्यक्त किया.मनपा सीमा में शामिल किए गए गांवाें की विभिन्न समस्याओं काे लेकर सुले ने मंगलवार काे अधिकारियाें की बैठक ली.बैठक के बाद वे मीडिया से बातचीत कर रही थीं. विलय के प्रश्न पर उन्हाेंने कहा, मेरा भाई खुले विचाराें वाला था. मेरे दादा के जाने का दुख जीवनभर रहेगा.
विलय में कुछ नेता बाधा डाल रहे हैं क्या, इस प्रश्न पर उन्हाेंने राम कृष्ण हरी कहकर प्रतिक्रिया दी. विधायक राेहित पवार की पत्रकार परिषद के संबंध में पूछे गए प्रश्न पर उन्हाेंने कहा, दादा राेहित के चाचा थे, इसलिएउसकी व्यथा स्वाभाविक है. राेहित दादा की दुर्घटना में मृत्यु के मामले का गंभीरता से अनुसरण कर रहा है. उसे साजिश की आशंका है, इसलिए हम पारदर्शी जांच की मांग कर रहे हैं. दुर्घटना की निष्पक्ष जांच हाेकर सत्य सामने आए, इसकी सभी प्रतीक्षा कर रहे हैं. यह राजनीति का विषय नहीं है, बल्कि हमारे परिवार के एक जिम्मेदार सदस्य का निधन हुआ है. हम अंतिम दर्शन भी नहीं कर सके, इसलिए सच्चाई सामने आना आवश्यक है. भिगवण की घटना पर उन्हाेंने कहा कि उनकी पुलिस अधीक्षक से बातचीत हुई है. पीड़िताें काे न्याय मिलना चाहिए और वहां शांति बनी रहनी चाहिए.यह विषय आगे न बढ़े, इसका ध्यान रखा जाना चाहिए. राज्य में हिंसा की एक नई प्रवृत्ति शुरू हाे गई है, जाे चिंताजनक है.हमारा स्पष्ट मत है कि किसी भी प्रकार की हिंसा नहीं हाेनी चाहिए.