राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति चिंताजनक !

    19-Feb-2026
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Health 
 
राज्य में सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली इस समय दाेहरे दबाव से जूझ रही है.एक तरफ सरकार नए मेडिकल और नर्सिंग काॅलेजाें की घाेषणा कर रही है, वहीं दूसरी ओर बुनियादी ढांचे की जर्जर स्थिति, स्टाफ की कमी और असुरक्षित कार्यस्थलाें ने डाॅक्टराें और मरीजाें दाेनाें के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं. मुंबई के प्रतिष्ठित ग्रांट मेडिकल काॅलेज और सर जेजे अस्पताल में निवासी डाॅक्टराें और मेडिकल छात्राें ने 16 फरवरी से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की.छात्राें की मुख्य मांग जिमखाना की स्वायत्तता, हाॅस्टलाें की जर्जर स्थिति में ुधार, समय पर मानधन और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था है. हालांकि अस्पताल प्रशासन ने फिलहाल उनकी मांगाें काे मान लिया है, लेकिन छात्र संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि 28 फरवरी तक ठाेस कार्रवाई नहीं हुई, ताे आंदाेलन और तीव्र किया जाएगा.
 
महाराष्ट्र एसाेसिएशन ऑफ रेजिडेंट डाॅक्टर्स (एमएआरडी) द्वारा 2025 में किए गए एक विस्तृत सर्वेक्षण में राज्य के 18 सरकारी मेडिकल काॅलेजाें के 5,800 डाॅक्टराें ने भाग लिया. इसके चाैंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं. 33% काॅलेजाें में डाॅक्टराें काे समय पर स्टाइपेंड नहीं मिलता. 11% रेजिडेंट डाॅक्टर काम के दाैरान खुद काे असुरक्षित महसूस करते हैं. सुरक्षाकर्मियाें की संख्या में 25% की भारी कमी पाई गई. दाे लाेगाें के लिए बने कमराें में 4-5 डाॅक्टराें काे रहना पड़ रहा है. साफ-सफाई और पीने के पानी की भारी किल्लत है.