नीली और लाल फ्लड लाइन काे लेकर किया गया फाॅलाे-अप बहुत सफल रहा है.सरकार पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ समेत राज्य के बड़े शहराें में नदियाें के किनारे नीली और लाल फ्लड लाइन का फिर से सर्वे करने के लिए नियम बनाने हेतु एक समिति बनाएगी.
विधायक शंकर जगताप ने बताया कि इसके लिए सरकार ने पिंपरी-चिंचवड़ समेत 12 सदस्याें काे शामिल करने का फैसला किया है. इस बीच, बनी कमेटी अगले दाे महीनाें में सरकार काे रिपाेर्ट देगी.पिंपरी-चिंचवड़ समेत राज्य के बड़े शहराें में नदियाें के किनारे नीली और लाल फ्लड लाइन से जुड़े मामले लंबित हैं. इससे लाेगाें काे द्निकतें हाे रही थीं. मुख्य मुद्दा पिंपरी-चिंचवड़ में पवना, इंद्रायणी और मुला नदियाें की नीली फ्लड लाइन में सरकारी और बिना इजाज़त के किए गए कंस्ट्रक्शन हैं.इसके लिए विधायक शंकर जगताप के ज़रिए समय-समय पर सरकार से फाॅलाे-अप किया गया.
2025 में 25 मार्च काे राज्य के बजट सेशन में (ध्यान आकर्षित करने वाली सूचना नंबर-1946) माैजूदा उद्याेगमंत्री उदय सामंत से एक समिति बनाने की मांग की गई थी.इसी बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस हाल ही ें हुए पिंपरी-चिंचवड़ मनपा चुनाव के लिए प्रचार करने आए थे. 10 जनवरी, 2026 काे आकुर्डी में हुई एक बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा था कि राज्य में नीली और लाल फ्लड लाइन काे लेकर नया सर्वे किया जाएगा. विधायक शंकर जगताप ने इस बारे में फाॅलाे-अप जारी रखा था जाे काफी सफल रहा है.
विधायक ने कहा कि सरकार राज्य में नदियाें के किनारे नीली और लाल फ्लड लाइन का नया री-सर्वे कराएगी. अर्बन डेवलपमेंट विभाग के उपसचिव प्रणव करपे ने इस बारे में आदेश जारी किए हैं.
यूनिफाइड डीसीपीआर की वजह से नीली और लाल फ्लड लाइन का मुद्दा उठा है. इस वजह से नदी किनारे कई इलाकाें में नया विकास रुक गया है. नीली और लाल फ्लड लाइन साै वर्ष पहले के अंदाज़ाें पर आधारित हैं. इस पर उन्हें बदलना और नया सर्वे करना ज़रूरी था.समय-समय पर इसकी मांग की जाती रही है. इस मांग के आधार पर एक समिति बनाई जाएगी. इस समिति में शहर विकास, जल संसाधन, पर्यावरण और राहत एवं पुनर्वास विभाग के अपर सचिव, मुख्य सचिव या सचिव शामिल हैं. इसके अलावा नासिक में ‘मेरी’ संस्था के महानिदेशक संजीव टाटू, पुणे में अर्बन प्लानिंग विभाग के निदेशक एवं सह निदेशक, पिंपरी-चिंचवड़, काेल्हापुर और चंद्रपुर मनपा के आयुक्त और महाड व कुलगांव, बदलापुर नगर परिषद के मुख्य अधिकारी भी शामिल हैं.