मनपा ने शहर की अमेनिटी स्पेस काे बीओटी माॅडल पर विकसित करने का निर्णय लिया है. इस संबंध में प्रस्ताव जल्द ही स्थायी समिति के समक्ष मंजूरी के लिए रखा जाएगा, ऐसी जानकारी मनपा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी.प्रशासक शासन आने से पहले जब भारतीय जनता पार्टी की सत्ता थी, तब भी अमेनिटी स्पेस काे बीओटी माॅडल पर विकसित करने का प्रस्ताव लाया गया था. हालांकि उस समय व्यापक विराेध के कारण यह प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चला गया था.निर्माण नियमावली के अनुसार 20 गुंठे से अधिक निर्माण अनुमति देते समय सार्वजनिक उपयाेग के लिए कुछ भूमि छाेड़ना अनिवार्य है. शहर और समाविष्ट गांवाें में बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य चल रहे हैं और मनपा के पास लगभग 800 से अधिक अमेनिटी स्पेस उपलब्ध हैं.
एकीकृत विकास नियंत्रण नियमावली के तहत इन स्थानाें का उपयाेग खेल मैदान, प्रदर्शनी मैदान, विभिन्न कार्यक्रमाें का आयाेजन, सर्कस, सभा स्थल, सांस्कृतिक कार्यक्रम, संगीत कार्यक्रम, संस्थागत कार्यक्रम, चलित रंगमंच, पार्किंग, बस टर्मिनल, ट्रक टर्मिनल, जैव विविधता पार्क, उद्यान, संग्रहालय सहित 21 से अधिक प्रकार की सार्वजनिक गतिविधियाें के लिए करना अनिवार्य है.पूर्व में भी अमेनिटी स्पेस छाेड़ने की बाध्यता थी. इन स्थानाें पर मनपा और नगरसेवकाें के माध्यम से सब्जी मंडी, बहुउद्देशीय हाॅल, जिम, मनाेरंजन केंद्र, उद्यान, अस्पताल, स्वीमिंग पूल जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं.मनपा द्वारा कराेड़ाें रुपये खर्च कर नाई गई अधिकांश इमारतें संयुक्त परियाेजना के रूप में पार्षदाें से जुड़ी संस्थाओं के नियंत्रण में हैं.इनमें से कई स्थानाें पर गतिविधियां लगभग बंद पड़ी हैं. कराेड़ाें रुपये खर्च हाेने के बावजूद अपेक्षित आय नहीं मिलने से मनपा अब इन संपत्तियाें काे बीओटी माॅडल पर विकसित करने का प्रस्ताव ला रही है. नए प्रस्ताव के चलते मनपा के पैसाे में बचत हाेने की बात कही गई है.