मनपा के नए टर्म की पहली जनरल मीटिंग में आवारा कुत्ताें का मुद्दा छाया रहा.आवारा कुत्ताें के बढ़ते हमलाें की पृष्ठभूमि में सदन में गुस्सा भरी चर्चा हुई. बीजेपी के नगरसेवक राजू मिसाल ने प्रशासन का ध्यान इस मुद्दे की ओर खींचने के लिए आयुक्त और महाैपार के सामने सीधे एक प्रतीकात्मक कुत्ता रखकर विराेध व्यक्त किया. इस घटना से सभागृह में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहाैल बन गया.पिछले आठ महीनाें में 20 हजार से ज़्यादा लाेगाें काे आवारा कुत्ताें द्वारा काटे जाने के आंकड़े सभागृह में पेश किए गए. स्कूल बस से उतरते समय स्टूडेंट्स पर कुत्ताें द्वारा हमला करने की हालिया घटना पर राेशनी डालते हुए, सदस्याें ने प्रशासन की कड़ी आलाेचना की.यह भी कहा गया कि शहर के अलगअलग हिस्साें में सुबह से शाम तक लाेगाें काे डर के साये में रहना पड़ रहा है. इस समय राजू मिसाल ने कहा, चुनाव के दाैरान प्रचार करते समय, हर प्रभाग में लाेगाें ने हमारे सामने आवारा कुत्ताें का मुद्दा उठाया. बच्चाें, बुज़ुर्गाें और महिलाओं पर हमले की घटनाएं बढ़ रही हैं. महापाैर रवि लांडगे के अध्यक्षता में सर्वसाधारण सभा संपन्न हुई.
सभागृह में ‘प्रतीकात्मक कुत्ता’ लाने का मकसद प्रशासन काे जगाना पिछले आठ महीनाें में 20 हज़ार से ज़्यादा लाेगाें काे कुत्ताें ने काटा है, यह बहुत गंभीर बात है. जब स्कूली बच्चाें पर हमला हाे रहा है, ताे प्रशासन काे तुरंत ठाेस कार्रवाई करनी चाहिए. सभागृह में एक प्रतीकात्मक कुत्ता लाने का मकसद प्रशासन काे जगाना है, हम लाेगाें की सुरक्षा के साथ काेई समझाैता बर्दाश्त नहीं करेंगे.इस बीच प्रमाेद कुटे, कुणाल वाव्हलकर, राहुल कलाटे, कुंदन गायकवाड़, नीलेश बारणे, डाॅ. सुहास कांबले, धर्मपाल तंतरपाले, वैशाली कालभाेर और सुलभा उबाले ने इस चर्चा में हिस्सा लिया. इन सदस्याें ने निर्बिजीकरण और वैक्सीनेशन अभियान में तेज़ी लाने, गुस्सैल कुत्ताें के समूहाें काे कंट्राेल करने के लिए एक स्पेशल टीम बनाने और शिकायत रजिस्ट्रेशन सिस्टम काे चालू करने की मांग की.