बच्चाें से से्नस-कुकर्म करने वाले दंपत्ति काे फांसी की सजा

    21-Feb-2026
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यूपी में 33 बच्चाें का याैन शाेषण करने वाले पति-पत्नी काे शुक्रवार काे बांदा काेर्ट ने फांसी की सजा सुनाई. यह दंपत्ति बच्चाें के अश्लील वीडियाे-फाेटाे डार्क वेब के जरिए विदेशाें में बेचता था.पति रामभवन सिंचाई विभाग का जेई था, जबकि पत्नी दुर्गावती हाउस वाइफ थी.रामभवन की पाेस्टिंग चित्रकूट में थी.पाॅक्साे काेर्ट के जज प्रदीप कुमार मिश्रा ने कहा- दाेनाें पति-पत्नी काे मरते दम तक फंदे पर लटकाए रखा जाए.काेर्ट ने दाेनाें काे 18 फरवरी काे दाेषी ठहराया था. सीबीआई ने रामभवन काे 18 नवंबर, 2020 काे अरेस्ट किया था. वहीं, दुर्गावती काे गवाहाें पर दबाव डालकर समझाैता कराने का दाेषी पाया गया. बांदा का रहने वाला रामभवन चत्रकूट में सिंचाई विभाग में जेई के पद पर तैनात था. रामभवन अपनी पत्नी दुर्गावती के साथ मिलकर गरीब घराें के बच्चाें काे लालच देकर अपने जाल में फंसाते थे. दाेनाें मिलकर नाबालिगाें का कुकर्म करते थे.
 
बच्चाें की उम्र 5 से 16 साल के बीच हाेती थी. बच्चाें के साथ पत्नी संबंध बनाती थी, जबकि रामभवन उनसे कुकर्म करता था. इतना ही नहीं, दाेनाें लैपटाॅप ककैमरे के जरिए बच्चाें के अश्लील वीडियाे भी बना लेते थे. इसकी शिकायत मिलने पर 31 अक्टूबर, 2020 काे केंद्रीय जांच ब्यूराे (सीबीआई) ने रामभवन के खिलाफ केस दर्ज किया. आराेप था कि वह बच्चाें के अश्लील वीडियाे/फाेटाे बनाकर डार्क वेब के जरिए अंतरराष्ट्रीय पेडाेफाइल नेटवर्क तक पहुंचाता था. इसके बाद 17 नवंबर 2020 काे सीबीआई ने रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती काे गिरफ्तार कर लिया था. सीबीआई ने गिरफ्तारी के 88वें दिन बाद बांदा काेर्ट में 700 पन्नाें की चार्जशीट दाखिल की थी. चार्जशीट में मेडिकल रिपाेर्ट और बच्चाें के बयानाें काे आधार बनाया गया था.इस दाैरान सीबीआई की टीम ने 4 से 42 साल तक की उम्र के लाेगाें के बयान दर्ज कराए. सभी का मेडिकल परीक्षण कराने के साथ डिजिटल एविडेंस काे कनेक्ट किया गया था.