शहर में बार-बार घटित हाे रही विभिन्न राजनीतिक दलाें के कार्यकर्ताओं के बीच हिंसात्मक घटनाओं काे लेकर तीव्र चिंता व्यक्त करते हुए पुणे शहर जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से मंगलवार काे पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार काे विस्तृत ज्ञापन दिया गया. शहर में कानून एवं व्यवस्था का प्रश्न गंभीर हाेता जा रहा है तथा ऐसी घटनाओं पर राेक लगाने के लिए कठाेर और तात्कालिक उपाय-याेजनाएं की जाएं, ऐसी मांग इस अवसर पर की गई.कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस आयुक्तालय जाकर ज्ञापन प्रस्तुत किया. ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि हाल के समय में राजनीतिक विवादाें से मारपीट, ताेड़फाेड़, धमकियां तथा सार्वजनिक स्थानाें पर उपद्रव की घटनाएं बढ़ी हैं. इससे सामान्य नागरिकाें में भय का वातावरण उत्पन्न हुआ है तथा शहर की छवि काे भी आघात पहुंच रहा है. पुणे काे शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक राजधानी के रूप में जाना जाता है.
इसलिए ऐसी घटनाओं पर तत्काल नियंत्रण स्थापित करना आवश्यक है. इस अवसर पर पूर्व गृह राज्यमंत्री रमेश बागवे, पूर्व विधायक माेहन जाेशी, दीप्ति चवधरी, प्रदेश काेषाध्यक्ष अभय छाजेड़, संजय बालगुड़े, मनपा गुटनेता एड्. रामचंद्र उर्फ चंदूशेठ कदम, स्थायी समिति सदस्य प्रशांत जगताप, नगरसेवक रफीक शेख, अजित दरेकर, अविनाश बागवे, सुनील मलके, जयंत किराड, मेहबूब नदाफ, महिला अध्यक्षा स्वाति शिंदे, चेतन अग्रवाल, ब्लाॅक अध्यक्ष रवींद्र माझीरे, अक्षय जैन, किशाेर मारणे, नुरूद्दीन साेमजी, नागेश भालेराव आदि उपस्थित थे.प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस प्रशासन से सभी राजनीतिक दलाें के साथ समान व्यवहार करते हुए कानून का कठाेर पालन करने तथा शहर में गश्त बढ़ाकर संवेदनशील क्षेत्राें पर विशेष ध्यान देने की मांग की. साथ ही साेशल मीडिया पर जारी भड़काऊ प्रचार पर भी नियंत्रण रखने का उल्लेख निवेदन में किया गया. पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने प्रतिनिधिमंडल की मांगाें पर संज्ञान लेते हुए कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक सभी कदम उठाए जाएंगे, ऐसा आश्वासन देने की जानकारी कांग्रेस पदाधिकारियाें ने दी.