नासिक मनपा में महापाैर चुनाव के बैकग्राउंड में महायुति में तनाव के संकेत साफ दिख रहे हैं. बीजेपी नेता और मंत्री गिरीश महाजन के यह कहने के बाद कि बीजेपी काे किसी की ज़रूरत नहीं है, शिंदे गुट के शिवसेना नेता नाराज़ हैं.शिवसेना ने इस मुद्दे पर सीधे डिप्टी चीफ मिनिस्टर एकनाथ शिंदे से बात करने का फैसला किया है. एक वाक्य से नासिक का राजनीतिक माहाैल अचानक गरमा गया है.बीजेपी ने नासिक मनपा में अकेले चुनाव लड़ा था. उसके बाद बीजेपी शहर अध्यक्ष सुनील केदार ने प्रस्ताव दिया था कि शिंदे गुट की शिवसेना और अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी सरकार में शामिल हाे जाएं.
कहा गया था कि यह प्रस्ताव सरकार बनाने के लिए तालमेल बिठाने के लिए था. चर्चा थी कि महापाैर, उपमहापाैर और स्टैंडिंग कमेटी जैसे अहम पदाें पर बातचीत हाे सकती है.हालांकि, इस प्रस्ताव के कुछ ही दिनाें में मंत्री गिरीश महाजन ने यह कहकर साफ नाराज़गी जताई कि बीजेपी काे किसी की ज़रूरत नहीं है. इस बयान से शिवसेना में गुस्से की लहर दाैड़ गई. शिवसेना के पदाधिकारियाें ने आराेप लगाया कि बीजेपी के प्रस्ताव के बाद ऐसा स्टैंड लेना समझ से बाहर है.