पुणे, 2 फरवरी (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)केंद्रीय बजट 202627 को लेकर विभिन्न उद्योगों, व्यवसायिक संस्थाओं और विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए ह्ैं. रियल एस्टेट और ज्वेलरी उद्योग के लिए यह बजट उत्साहजनक साबित हो सकता है, जबकि पारंपरिक व्यापारियों और आम जनता के दृष्टिकोण से इसमें कुछ खोया हुआ अवसर दिखाई देता है. इस बजट में बुनियादी ढांचे, कौशल विकास, एमएसएमई, स्वास्थ्य और डिजिटल पहल पर जोर दिया गया है, जो दीर्घकालिक विकास और रोजगार सृजन में योगदान कर सकते ह्ैं. वहीं, कर राहत और आम नागरिकों की आर्थिक अपेक्षाओं के संदर्भ में कुछ निराशा भी देखने को मिलती है. कुल मिलाकर, बजट 202627 विकास- केंद्रित और संतुलित नजर आता है, लेकिन इसके प्रभाव और लाभ सभी वर्गों तक पहुंचाने के लिए प्रभावी कार्यान्वयन आवश्यक है.
टीसीएस में कटौती ट्रैवल एजेंट्स हेतु सकारात्मक निर्णय
केंद्रीय बजट 2026 में घोषित टीसीएस में कटौती ट्रैवल एजेंट्स के लिए एक अत्यंत सकारात्मक निर्णय है. इसके लिए टीएएपी की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे थे. अधिक टीसीएस के कारण यात्री ट्रैवल एजेंट्स के माध्यम से बुकिंग करने से बच रहे थे और एजेंट महंगे होते हैं, ऐसा गलत भ्रम पैदा हो गया था. इसका हमारे व्यवसाय पर असर पड़ रहा था और यात्री सेवा रहित ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की ओर रुख कर रहे थे. टीसीएस में कमी आने से अब यात्री दोबारा ट्रैवल एजेंट्स की ओर लौटेंगे, क्योंकि ट्रैवल एजेंट्स भरोसेमंद सेवाएं, मार्गदर्शन और व्यक्तिगत ध्यान प्रदान करते हैं. - नीलेश भंसाली, अध्यक्ष, टीएएपी, ट्रैवल एजेंसीज, एसोसिएशन ऑफ पुणे.

पुणे को राष्ट्रीय आर्थिक शक्ति केंद्र की नई पहचान
केंद्रीय बजट 2026 ने पुणे को एक राष्ट्रीय आर्थिक शक्ति केंद्र के रूप में आधिकारिक मान्यता दी है. अगले पाँच वर्षों में पुणे ग्रोथ हब के लिए घोषित 5,000 करोड़ का आवंटन वास्तव में एक गेम-चेंजर साबित होगा, जो पुणे की पहचान को वैेिशक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ( एआई) हब के रूप में और अधिक मजबूत करता है. इसके साथ ही मेट्रो फेज-2 के लिए घोषित 517 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान पुणे के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. इससे कनेक्टिविटी-आधारित मूल्य वृद्धि पुणे के रियल एस्टेट बाजार को नई दिशा और गति देने वाली है. यह बजट केवल इमारतों और बुनियादी ढांचे तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे पुणे महानगर क्षेत्र की मोबिलिटी, आर्थिक क्षमता और वैेिशक प्रतिस्पर्धात्मकता को सशक्त बनाने वाला एक समग्र विकास रोडमैप प्रस्तुत करता है. - सचिन बसंत अग्रवाल, चेयरमैन एंड फाउंडर साहिल प्रॉपटीज्
बजट आत्मवेिशासी आर्थिक सोच का प्रतिबिंब
केंद्रीय बजट 2026 भारत की मजबूत, संतुलित और आत्मवेिशासी आर्थिक सोच का प्रतिबिंब है. सोना, चांदी, हीरा और प्लेटिनम जैसे कीमती धातुओं को लेकर नीतिगत निरंतरता यह दर्शाती है कि सरकार स्थिरता, भरोसे और दीर्घकालिक मूल्य को प्राथमिकता देती है. वैेिशक अनिश्चितताओं के दौर में यह बजट सुरक्षित निवेश और भारतीय बचत संस्कृति को सशक्त करता है. यह आम नागरिक और ज्वेलरी उद्योग दोनों को ओशस्त करता है कि आर्थिक प्रगति और मूल्य-सुरक्षा साथ-साथ आगे बढ़ रही है. - राहुल चोपड़ा, सत्यम ज्वेलर्स
जनता की दृष्टि से यह बजट एक खोया हुआ अवसर
जनता के दृष्टिकोण से यदि इस बजट का वर्णन करना हो, तो इसे मएक खोया हुआ अवसरफ कहा जा सकता है. अवसर शब्द का प्रयोग मैंने इसलिए किया है क्योंकि वर्ष 25-26 में कर संग्रह और सकल घरेलू उत्पाद में वृद्धि जैसे कारक सरकार के पक्ष में थे. तुलनात्मक रूप से, सरकार के सामने किसी भी प्रकार की आर्थिक तंगी या संकट जैसी स्थिति नहीं थी. इसलिए सरकार के लिए कोई नई दिशा तय करना संभव था. इसके बावजूद, यह बजट दर्शाता है कि विकसित भारत 2047 के सपने में सभी के लिए सम्मानजनक रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और वृद्धावस्था में श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा जैसे विषयों का समावेश ही नहीं है. एक तो यह कि शेयर बाजार में सट्टेबाजी पर नियंत्रण पाने के लिए सरकार ने वहां होने वाले खरीद-बिक्री के लेन-देन पर लगने वाले करों में थोड़ी ही सही, लेकिन बढ़ोतरी की है. मेरे विचार से यह वृद्धि इससे कहीं अधिक और कई साल पहले ही हो जानी चाहिए थी. - अजित अभ्यंकर, वरिष्ठ नेता, माकपा

रियल एस्टेट के लिए अत्यंत उत्साहजनक बजट
2026 द्वारा बुनियादी ढांचे कनेक्टिविटी और शहरी विकास पर दिया गया स्पष्ट फोकस रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए अत्यंत उत्साहजनक है. दीर्घकालिक विकास की ठोस दिशा और आर्थिक स्थिरता के कारण घर खरीदारों और निवेशकों का वेिशास और अधिक मजबूत होगा. यह बजट रियल एस्टेट के लिए प्रगति के नए अवसर खोलने वाला साबित होगा. - प्रवीण बढेकर, सीएमडी, बढेकर ग्रुप
घर खरीदते समय अप्रत्यक्ष रूप से फायदा होगा
इस बजट में घर खरीदारों के लिए सीधे तौर पर किसी बड़े प्रत्यक्ष लाभ की घोषणा नहीं की गई है. हालांकि, कुछ ऐसी बातें जरूर हैं जिनसे आम आदमी को घर खरीदते समय अप्रत्यक्ष रूप से फायदा होगा. जैसे कि मेट्रो शहरों में किफायती घरों की कीमतों से जुड़ा विषय हो, ब्याज पर मिलने वाली कटौती हो या जीएसटी का मामला हो; इन सबसे घर खरीदते समय आम जनता को राहत मिलने की तस्वीर साफ दिखाई दे रही है. साथ ही, सरकार ने बुनियादी ढांचे के विकास के लिए जो कदम उठाए हैं, उनका भविष्य में रियल इस्टेट क्षेत्र पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. -सचिन शिंगवी, अध्यक्ष, एसोसिएशन ऑफ रियल इस्टेट एजंट्स

विकास की दृष्टि से बजट काफी अच्छा
विकास की दृष्टी से 2026 का बजट काफी अच्छा है. इसमें युवाओं के लिए एमएसएमई के माध्यम से या मैन्युफैक्चरिंग के माध्यम से अच्छा है. मेक इन इंडिया का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना इस बजट से साकार होने की दिशा में पहला कदम है. लेकिन 2014 का सरकार का वायदा वन नेशन वन टैक्स इस बार भी पूरा नहीं हुआ, जिसता बोझ आम नागरिक पर पडता है. पारंपरिक बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए इस में कोई प्रावधान नहीं दिया है. कॉर्पोरेट सेक्टर में जहां 1 करोड़ ऑडिट लिमिट है, उसे 3 करोड़ करने की आशा जताई जा रही थी, उसमें भी कोई बदलाव नहीं हुआ है. - नवीन गोयल, मर्चेंटस् चेंबर,शासकीय समिति समन्वयक

भारत को पर्वतारोहण का वैेिशक केंद्र बनाने वाला कदम
मैं इस बजट में पर्वतीय क्षेत्रों के आर्थिक रूप से सतत विकास और ट्रेकिंग-पर्वतारोहण को पर्यटन क्षेत्र में रणनीतिक स्थान देने की घोषणा का तहे दिल से स्वागत करता हूं. यह केवल ट्रेल्स बनाने की बात नहीं है; बल्कि भारत को ट्रेकिंग और पर्वतारोहण का वैेिशक केंद्र बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है. सही नीति, सुरक्षा मानक, प्रशिक्षित स्थानीय गाइड, पर्यावरण के अनुकूल बुनियादी ढांचा और स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से भारत वेिश स्तरीय ट्रेकिंग और पर्वतारोहण केंद्र बन सकता है. - उमेश झिरपे, प्रसिद्ध पर्वतारोही

बैंकों हेतु समिति का गठन स्वागत योग्य
केंद्रीय बजट में नागरिक सहकारी बैंकों को धारा 80P के तहत आयकर में छूट, साइबर सुरक्षा और डिजिटलीकरण के लिए पर्याप्त सहायता मिलने की उम्मीद थी. इसके अतिरिक्त, यदि नागरिक सहकारी बैंकों को म्यूचुअल फंड वितरक और सरकारी योजनाओं को लागू करने के लिए अधिकृत किया जाता, तो वित्तीय समावेशन और अधिक मजबूत होता. पैक्स को बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट के रूप में नियुक्त करने की अनुमति मिलने से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाएं प्रभावी ढंग से पहुंच पातीं. -एड. सुभाष मोहिते मानद सचिव, पुणे नागरी सहकारी बँक्स एसोसिएशन

एमएसएमई और स्वदेशी पर आधारित रोडमैप का बजट
इस वर्ष का बजट आकांक्षाओं और दूरदर्शी सोच वाला है, जिसमें एमएसएमई क्षेत्र को केंद्र में रखा गया है. आत्मनिर्भर, मजबूत और वैेिशक स्तर पर प्रतिस्पर्धी भारत का प्रतिबिंब यहां झलकता है. एमएसएमई को ज्यादा महत्व देने के कारण, छोटे व्यवसाय और व्यापारी भारत की विकास रणनीति के पहलू बनेंगे. यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ङ्गस्वदेशीफ आह्वान को मजबूत करता है. भारतीय उत्पादों की ब्रांडिंग के साथ साथ निर्यात की संभावनाओं को भी मजबूत करता है. - गिरीश सोलंकी, मोबाइल व्यवसायी, पुणे
ज्वेलरी उद्योग के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण इस वर्ष का केंद्रीय बजट ज्वेलरी उद्योग के लिए सकारात्मक है. बुनियादी ढांचे का विकास, विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 शहरों पर दिया गया जोर, व्यापार करने में सुगमता के उपाय और कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित करने से देश की अर्थव्यवस्था और अधिक मजबूत होगी. देश के जीडीपी में लगभग 7 प्रतिशत का योगदान देने वाले ज्वेलरी क्षेत्र को इस बजट से निश्चित रूप से नई गति मिलेगी. - सिद्धार्थ शाह, डायरेक्टर, चंदूकाका सराफ ज्वेल्स

विकास-केंद्रित और संतुलित बजट
केंद्रीय बजट 2026-27 एक विकास-केंद्रित और संतुलित बजट है. एक चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में देखें तो सरकार ने आर्थिक अनुशासन बनाए रखते हुए इन्फ्रास्ट्रक्चर, एमएसएमई, सेमीकंडक्टर और हेल्थ सेक्टर पर ध्यान दिया है. इन निवेशों से आने वाले समय में रोजगार बढ़ेगा और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी. टीडीएस और टीसीएस नियमों को सरल करना भी करदाताओं के लिए उपयोगी कदम है. कुल मिलाकर, यह बजट लंबे समय के विकास पर केंद्रित है. - सीए शुभम चोरडिया, चार्टर्ड एकाउंटेंट

भारत को आत्मनिर्भर बनाने वाला बजट
यह बजट भारत को आत्मनिर्भर बनाने और एक उज्ज्वल भविष्य की ओर ले जाने वाला है. इस बजट में छोटे उद्योगों के लिए पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं. यह एक ऐतिहासिक बजट साबित होगा, जो मविकसित भारतफ और तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य को गति देगा तथा महंगाई पर नियंत्रण लाएगा. कुछ प्रमुख शहरों में मेडिकल सेंटर स्थापित किए जाएंगे. साथ ही, युवाओं को मखेलो इंडियाफ के माध्यम से बड़े पैमाने पर प्रोत्साहन मिलेगा. सरकार मग्लोबल डेटा सेंटरफ स्थापित करने जा रही है और सात हाई-स्पीड रेलवे कॉरिडोर बनाए जाएंगे. - प्रवीण चोरबेले, पूर्व अध्यक्ष, दि पूना मर्चेंटस् चेंबर

व्यापारी और पारंपरिक व्यवसायों के लिए निराशाजनक
खाद्यान्न और आवश्यक वस्तुओं के पारंपरिक व्यापार के लिए इस बजट में प्रत्यक्ष और ठोस रूप से किसी भी विशेष छूट या योजना को शामिल नहीं किया गया है. यह बात व्यापारी वर्ग और पारंपरिक व्यवसायों के दृष्टिकोण से अत्यंत निराशाजनक है. व्यापारियों को आयकर की दरों में कटौती की उम्मीद थी; साथ ही, पारंपरिक होलसेल और रिटेल खाद्यान्न व्यापार को बनाए रखने और उसके विस्तार के लिए कोई स्वतंत्र योजना घोषित न किए जाने के कारण व्यापारी वर्ग में भारी नाराजगी व्यक्त की जा रही है. - आशीष दुगड़, सहसचिव दि पूना मर्चेंट चेंबर

सरकार को सिर्फ आंकड़ों की खूबसूरती दिखानी है
बजट 2026 जनता के लिए नहीं, बल्कि सिर्फ प्रचार के लिए बनाया गया बजट है. युवाओं को घोषणाएं नहीं, नौकरियां चाहिए, लेकिन इस बजट में रोजगार सृजन के लिए कोई ठोस दिशा नजर नहीं आती. आज घर चलाना मुश्किल हो गया है. महंगाई ने आम परिवार की कमर तोड़ दी है, फिर भी सरकार को सिर्फ आंकड़ों की खूबसूरती दिखानी है. काम कम और विज्ञापन ज्यादा, यही इस बजट की हकीकत है. मध्यमवर्ग को कोई राहत नहीं, महंगाई रोकने की इच्छाशक्ति नहीं सरकार का फोकस जनता पर नहीं सिर्फ प्रचार पर है. - अक्षय जैन, महासचिव, महाराष्ट्र प्रदेश युवक कांग्रेस

बुनियादी ढांचा और एमएसएमई पर ध्यान
बजट में बुनियादी ढांचे के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये का निवेश और टियर 2 व टियर 3 शहरों पर विशेष जोर दिया जाना यह स्पष्ट करता है कि यह बजट दीर्घकालिक विकास पर केंद्रित है. बुनियादी ढांचे पर आधारित विकास को गति मिलने से पुणे जैसे शहर वैेिशक स्तर पर अधिक महत्व प्राप्त करने की दिशा में सक्षम बनेंगे. राजकोषीय घाटे का अनुमान लगभग 4.3% है. व्यापारियों और पारंपरिक व्यवसायों के नजरिए से इस बजट में कुछ खास उत्साहजनक नहीं है. - कुणाल ओस्तवाल, युवा व्यापारी, मार्केट यार्ड