उभरते क्षेत्रों के वित्तपोषण हेतु स्टेट बैंक द्वारा ‌‘चक्र केंद्र'

03 Feb 2026 14:06:18
 
 bfb

मुंबई, 2 फरवरी (आ. प्र.)
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने भारत के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण उभरते क्षेत्रों के वित्तपोषण हेतु चक्र उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) की शुरुआत की घोषणा की है. यह केंद्र अगली पीढ़ी के, प्रौद्योगिकी-संचालित और स्थिरता-केंद्रित उभरते क्षेत्रों के लिए वित्तपोषण को सक्षम बनाने हेतु एक ज्ञान-आधारित मंच के रूप में कार्य करेगा. बैंक ने कहा, एसबीआई का ध्यान पूंजी प्रवाह को जिम्मेदारी से निर्देशित करने, जोखिम मूल्यांकन क्षमताओं को मजबूत करने तथा विकसित होते व्यावसायिक मॉडलों और नीतिगत प्राथमिकताओं के अनुरूप नवीन वित्तपोषण संरचनाएं विकसित करने पर केंद्रित है. केंद्र का उद्घाटन करते हुए भारत सरकार के वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम. नागराजू ने कहा, इस केंद्र का उद्देश्य ज्ञान-साझाकरण, परियोजना मूल्यांकन, क्षमता निर्माण और साक्ष्य-आधारित नीतिगत सहभागिता को समाहित करने वाला एक समन्वित पारिस्थितिकी-तंत्र मंच बनना है, जो भारत की प्रगति को सार्थक रूप से गति प्रदान करेगा.केंद्र सरकार नवीकरणीय ऊर्जा, उन्नत सेल रसायन विज्ञान और बैटरी भंडारण, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, ग्रीन हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर्स, डीकार्बोनाइजेशन, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे आठ उभरते क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगी, जो भारत के आर्थिक भविष्य के प्रमुख चालक के रूप में उभर रहे हैं. 2030 तक इन आठ उभरते क्षेत्रों में 100 लाख करोड़ रुपये से अधिक के पूंजी निवेश की उम्मीद है. एसबीआई ने कहा, केंद्र सरकार इस विशाल निवेश को संभव बनाने की दिशा में काम करेगी. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के चेयरमैन चाल्ला श्रीनिवासुलु सेट्टी ने कहा, आने वाले दशकों में भारत की वृद्धि नवाचार, स्थिरता और उन्नत विनिर्माण पर आधारित होगी. 
 
 
Powered By Sangraha 9.0