राज्य भर में हाल ही में संपन्न हुए 29 नगर परिषदाें के चुनावाें के बाद, भाजपा उम्मीदवार डिंपल मेहता मंगलवार काे मीरा- भयंदर मनपा (एमबीएमसी) की महापाैर सर्वसम्मति से चुनी गईं. ध्रुवकिशाेर पाटिल उप महापाैर चुने गए हैं. नगर निकाय के मुख्यालय में मराठी एकीकरण समिति के विराेध के बीच महापाैर चुनाव संपन्न हुए.विराेध प्रदर्शनाें के बावजूद, चुनाव प्रक्रिया निर्धारित समय पर संपन्न हुई और मेहता काे स्पष्ट बहुमत प्राप्त हुआ. नामांकन वापसी अवधि के दाैरान किसी भी उम्मीदवार ने अपना नामांकन वापस नहीं लिया.मतदान के दाैरान, भाजपा के 78 पार्षदाें और एक निर्दलीय पार्षद ने मेहता के पक्ष में मतदान किया, जिससे उन्हें कुल 79 वाेट मिले और महापाैर पद पर उनका चुनाव सुनिश्चित हाे गया. हाल ही में संपन्न हुए एमबीएमसी निगम चुनावाें में, भाजपा ने 95 में से 78 सीटें जीतीं, जबकि शिवसेना ने 3 और कांग्रेस ने 13 सीटें जीतीं और एक सीट निर्दलीय उम्मीदवार के नाम रही.
मीरा-भयंदर में चुनाव से पहले राजनीतिक माहाैल गरमा गया था, क्याेंकि मराठी एकीकरण समिति ने मांग की थी कि महापाैर पद के लिए केवल मराठी भाषी उम्मीदवार काे ही नियुक्त किया जाना चाहिए. हालांकि, भारतीय जनता पार्टी ने आपत्तियाें काे खारिज करते हुए चुनाव प्रक्रिया काे आगे बढ़ाया और उसे पूरा किया.मेहता के चुनाव के बाद, शहर के कुछ हिस्साें में विराेध प्रदर्शन तेज हाे गए, जिसमें मराठी एकीकरण समिति और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) ने आक्रामक रुख अपनाया. प्रदर्शनकारियाें ने मराठी महापाैर की मांग करते हुए नारे लगाए और गैर-मराठी महापाैर की नियुक्ति काे अस्वीकार्य बताया. प्रदर्शनकारी सुभाष चंद्र बाेस मैदान के पास जमा हुए और बाद में नए महापाैर के विराेध में एक मार्च निकाला. आंदाेलन के दाैरान प्रदर्शनकारियाें ने जाेर देकर कहा कि महाराष्ट्र और उसके शहराें काे अपनी मराठी पहचान बरकरार रखनी चाहिए. पुलिस ने कानून-व्यवस्था बिगड़ने से राेकने के लिए कई प्रदर्शनकारियाें काे हिरासत में लिया.