लाेकसभा में राहुल गांधी की स्पीच पर लगातार दूसरे दिन भी हंगामा हुआ. हंगामा के दाैरान पीठासीन की तरफ पेपर उछालने पर कड़ा ए्नशन लेते हुए 8 विपक्षी सांसदाें काे पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया. इस बीच कार्रवाई ठप हाे गई. इस दाैरान संसदीय कार्यमंत्री ने कहा-सदन की मर्यादा ताेड़ने पर कार्रवाई बहुत ही जरूरीहै. उन्हाेंने कहा कि सांसदाें काे लाेकसभा की गरिमा का ध्यान रखना हाेगा. बता दें कि राहुल गांधी द्वारा दूसरे दिन भी चीन का मुद्दा उठाने से सत्तापक्ष-विपक्ष में तीखी नाेंकझाेंक और आराेप-प्रत्याराेप एक-दूसरे पर लगाए. नेता प्रतिपक्ष कहा-माेदी अमेरिका के हाथाें में बिक गए हैं वे उनके हाथाें खेल रहे हैं. उन्हाेंने कहा- उनकी सच्चाई अब सामने आ रही है. राहुल ने कहा माेदी अपनी ‘इमेज’ बचाने के लिए मुझे बाेलने नहीं दे रहे हैं, जबकि एपस्टीन का पिटारा खुलने पर माेदी का और बुरा हाल हाेगा.
विस्तार से प्राप्त खबर के अनुसार राहुल ने मंगलवार दाेपहर 2 बजे पूर्व आर्मी चीफ की अनपब्लिश्ड बुक के आर्टिकल काे सदन में पेश किया. कहा- मुझे बाेलने दिया जाए. उनके यह कहते ही एनडीए के सांसदाें ने टाेकना शुरू कर दिया. मंगलवार काे वे 14 मिनट तक बाेलने की काेशिश करते रहे. राहुल ने कहा- मुझे परमिशन नहीं दी जा रही है.मुझे बाेलने नहीं दिया जा रहा. मैं विपक्ष का नेता हूं्. मैंने राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा उठाया है. मैं बस बता रहा हूं कि चाइनाइंडिया के बीच में क्या हुआ. पूर्वी लद्दाख में हमारे सैनिक शहीद हुए. सस्पेंड किए गए सांसदाें के नाम कांग्रेस के 7 सांसद, सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, प्रशांत पराेले, मणिकम टैगाेर, किरण कुमार रेड्डी, हिबी ईडन, गुरजीत औजला, डीन काेरियाेकाेज और एक माकपा सांसद एस वेंकटेशन शामिल हैं.
राहुल ने साेमवार काे भी 46 मिनट तक अपनी बात कहने की काेशिश की थी. सदन की कार्यवाही 3 बार स्थगित हुई.राहुल गांधी काे राजनाथ ने 11 बार, अमित शाह ने 7 बार टाेका. इसके अलावा किरेन रिजिजू ने 2 बार और अनुराग ठाकुर ने 6 बार राेका था. उधर, राहुल के समर्थन में सपा सांसद नरेश उत्तम पटेल, टीएमसी सांसद शताब्दी राॅय और डीएमके सांसद डी एम कातिर आनंद ने भी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बाेलने से इनकार कर दिया.लाेकसभा स्पीकर उस सांसद के नाम का ऐलान कर सकते हैं, जिसने आसन की मर्यादा ताेड़ी हाे या नियमाें का उल्लंघन किया हाे और जानबूझकर सदन की कार्यवाही में बाधा पहुंचाई हाे. जब स्पीकर ऐसे सांसदाें के नाम का ऐलान करते हैं, ताे वह सदन के पटल पर एक प्रस्ताव रखते हैं. प्रस्ताव में हंगामा करने वाले सांसद का नाम लेते हुए उसे सस्पेंड करने की बात कही जाती है. इसमें सस्पेंशन की अवधि का जिक्र हाेता है.