भारत और अमेरिका के बीच एक व्यापार समझाैते पर सहमति बनने के बाद मंगलवार काे शेयर बाजार के बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी 2.5 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए. तेजी के साथ काराेबार शुरू करने के बाद तीस शेयराें वाला बीएसई सेंसेक्स 4,205.27 अंक या 5.14 प्रतिशत बढ़कर दिन के उच्चतम स्तर 85,871.73 पर पहुंच गया. बाद में यह 2,072.67 अंक की बढ़त के साथ83,739.13 पर बंद हुआ. 50 शेयराें वाला एनएसई निफ्टी 639.15 अंक या 2.55 प्रतिशत बढ़कर 25,727.55 पर बंद हुआ. शेयर बाजार में मंगलवार की तेजी के बाद काराेबारियाें-निवेशकाें में खुशी का माहाैल देखा. उन्हाेंने भारत-अमेरिका ट्रेड डील का स्वागत भी किया.
एक तरफ जहां शेयर बाजार में तेजी रही, वहीं भारतीय रुपया भी मंगलवार काे अमेरिकी डाॅलर के मुकाबले 122 पैसे या 1.33 प्रतिशत की बढ़त दर्ज करते हुए 90.27 पर बंद हुआ और यह एशियाई मुद्राओं में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली मुद्रा बनकर उभरा.सेंसेक्स की 30 कंपनियाें में से अदानी पाेर्ट्स के शेयराें में 9.12 प्रतिशत की तेजी आई्. अन्य प्रमुख विजेताओं में बजाज फाइनेंस, इंटरग्लाेब एविएशन, पावर ग्रिड, सन फार्मा, बजाज फिनसर्व और रिलायंस इंडस्ट्रीज शामिल थे. टेक महिंद्रा और भारत इलेक्ट्राॅनिक्स ही इस मामले में पिछड़ गए्. इस व्यापार समझाैते ने कपड़ा,चमड़ा, रत्न और आभूषण, समुद्री भाेजन निर्यात और विशेष रसायन शेयराें में भी तीव्र उछाल काे बढ़ावा दिया.जियाेजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के अनुसंधान प्रमुख विनाेद नायर ने कहा कि भारत-अमेरिका के बहुप्रतीक्षित व्यापार समझाैते और रुपये के मजबूत हाेने से प्रेरित हाेकर भारतीय शेयर बाजाराें में महत्वपूर्ण तेजी देखी गई, जिससे विदेशी निवेशकाें के नए सिरे से निवेश आने की उम्मीदें बढ़ीं हैं.
उन्हाेंने कहा कि भारतीय वस्तुओं पर अमेरिकी टैरिफ काे 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने से उभरते बाजाराें में भारत की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति मजबूत हाेती है और कपड़ा, मत्स्य पालन, रत्न और फार्मास्यूटिकल्स जैसे निर्यात-उन्मुख क्षेत्राें के लिए संभावनाएं बेहतर हाेती हैं, जिनका अमेरिका के साथ गहरा संबंध है और जिन्हें 2026 के केंद्रीय बजट में समर्थन दिया गया था. बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डाेनाल्ड ट्रंप ने साेमवार काे प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी के साथ फाेन पर हुई बातचीत के बाद कहा कि भारत और अमेरिका एक व्यापार समझाैते पर सहमत हुए हैं. इसके तहत वाशिंगटन भारतीय वस्तुओं पर पारस्परिक शुल्क काे माैजूदा 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा.