्नया केंद्रीय बजट देश काे सही दिशा में आगे बढ़ाएगा?

04 Feb 2026 22:12:55
 
 

Soch Vichar 
भारत के आम बजट 2026 काे किसी भी दृष्टिकाेण से देखिए, इसे विश्वसनीय, जिम्मेदार और दूरदर्शी बजट कहा जा सकता है. अव्वल ताे बजट-चर्चा शुरू करने से पहले हमें दुनिया के हालात पर जरूर नजरें फेर लेनी चाहिए. उसके बाद ही यह साेचना चाहिए कि ऐसे ्नया कदम उठाए जा सकते हैं, जिनसे हमारे सकल घरेलू उत्पाद में वृद्धि हाे. वृद्धि भी कम नहीं, कम से कम उतनी हाे, जितनी नए आर्थिक सर्वेक्षण में बताई गई है. रविवार काे पेश केंद्रीय बजट में खास यह है कि व्यापार या उद्याेग काे विकास के एक प्रमुख चालक के रूप में देखा गया है वित्त मंत्री ने दूरदर्शिता दिखाते हुए सहयाेगी देशाें के साथ तालमेल बिठाने के लिए सीमा शुल्क सुधार की बड़ी काेशिश की है. इससे निवेश दक्षता और व्यापार संबंधाें पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, और लगातार उच्च विकास दर के अनुकूल स्थितियां बनेंगी. संक्षेप में कहें, ताे इस वर्ष वित्त मंत्री का मूल मंत्र पूंजी, प्राैद्याेगिकी और निर्यात प्र्रतिस्पर्धा है.
 
सुखद है कि पहली बार विकास दर काे बढ़ाकर 7 प्रतिशत का लक्ष्य रखा गया है इस विकास दर काे पाने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीता रमण द्वारा पेश बजट में बहुत ठाेस कदम उठाए गए हैं. बजट के अनेक पहलू हैं, जिनसे उम्मीदाें काे बहुत बल मिलता है. अमेरिका के साथ जारी टैरिफ संबंधी तनाव के बावजूद भारत ने पिछले महीनाें में कई मु्नत व्यापार समझाैते किए हैं. यूराेपीय संघ से भी भारत का व्यापार समझाैता हुआ है.भारत और यूराेप की आबादी काे जाेड़ लें, ताे एक बहुत बड़ा बाजार हाे जाता है. अंत: यूराेपीय संघ के साथ भारत का व्यापार समझाैता एक बड़ा कदम है. हालांकि, भारत काे आत्मनिर्भरता काे संरक्षित रखते हुए, विशेषकर बढ़ती एशियाई अर्थव्यवस्था में भी, विश्वसनीय साझेदाराें के साथ संबधाें काे मजबूत करना चाहिए. यह मानना चाहिए कि पुरानी व्यवस्था समाप्त हाे चुकी है और नए बदलाव अव्यवस्थित हैं.
 
इसे ‘कार्नीवाद’ कहा जा सकता है. एक स्पष्ट चेतावनी है कि हम बड़े बदलाव के दाैर से गुजर रहे हैं. व्यापार ऊर्जा और सुरक्षा के क्षेत्र में बहुपक्षीय व रचीले गठबंधन बनाने में सक्षम देश ही बदलाव काे राह दिखाएंगे. भारत के आर्थिक फैसले भी तय करेंगे कि दुनिया में नए गठबंधन कैसे आकार लेंगे? गठबंधन बनाने की चुनाैतियाें में वित्त, निवेश, ऊर्जा, जलवायु जैव विविधता और सुरक्षा शामिल हैं. इस बजट में इन चुनाैतियाें से दाे-दाे हाथ करने का इरादा दिखता है.आज हम गाैर कर सकते हैं कि नरेंद्र माेदी सरकार की यह एक बड़ी कामयाबी है, सरकार ने अपनी वित्तीय जिम्मेदारी काे ठीक से निभाया है. वित्तीय संतुलन का यह मार्ग मैंने अपनी राजकाेषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन के माध्यम से भी तैयार किया था, जिसे इस सरकार ने मंजूरी दी. सही राह पर हम बने हुए हैं. इसी के तहत हमने इस वर्ष भी वित्तीय घाटे का जाे लक्ष्य था, उसे पाया है और तभी आगामी वर्ष में वित्तीय घाटे का लक्ष्य 4.3 प्रतिशत रखा गया है.
 
बजट से पता चलता है कि देश के ऋण में गिरावट आई है. अगले वर्ष और गिरावट आएगी. हमारा लक्ष्य है कि 2030-31 में ऋण काे जीडीपी के अनुपात में 51 प्रतिशत तक लाया जाए. हालांकि, हमें राज्याें के ऋण और घाटे पर थाेड़ी निगरानी रखनी पड़ेगी. केंद्र सरकार के ऋण अनुपात के अनुरूप ही राज्याें के ऋण काे लाना हाेगा. ताजा बजट की एक खासियत यह भी है कि अर्थव्यवस्था के कुछ नए उभरते क्षेत्राें पर प्र्रकाश डाला गया है. रेयर अर्थ (विशेष रासायनिक तत्व), कार्बन सी्नवेस्ट्रेशन (कार्बन पृथ्नकरण), आई ्नलाउड (सुरक्षित स्टाेरेज सेवा), इन सभी नए क्षेत्राें काे बजट ने बल देने के लिए जरूरी प्रयास किए है. बजट में राेजगार बढ़ाने के दृष्टिकाेण से कुछ क्षेत्राें काे देखा गया है.श्रमिकाें की ज्यादा जरूरत वाले वस्त्र और चमड़ा उद्याेग पर जाेर दिया गया है. पर्यटन विकास के लिए निश्चित कदम उठाए गए हैं, टूरिस्ट सर्किट की घाेषणा हुई है. बजट यह भी काेशिश करता दिख रहा है कि स्वास्थ्य पर्यटन काे कैसे बढ़ाया जाए.
 
शिक्षा क्षेत्र में देखें ताे यह बड़ी घाेषणा है कि पांच विश्वविद्यालय टाॅउनशिप बसाए जाएंगे. बहरहाल, जब बजट में दिख रही तमाम काेशिशाें काे हम जाेड़ते हैैं, तब हमें राेजगार प्रदान विकास की नींव मजबूत हाेती दिखती है. आज देश में ऐसा आर्थिक विकास चाहिए, जाे राेजगार के अवसर बढ़ाए. टै्नस की चर्चा करें, ताे जाे टै्नस रेट बहुत कम हाे गए थे, उसके विपरीत हम लाेगाें ने कुछ नहीं किया है.हां, टै्नस की प्रक्रिया काे आसान बनाया गया है, इससे कराधान में सुविधा बढ़ेगी. कर चुकाना आसान हाेगा.आयात शुल्क संबंधी जाे कदम हमने उठाए हैं, वह भी महत्वपूर्ण हैं. जैसे कैंसर की विशेष दवाइयाें और परमाणु श्नित पर जाे रियायत हमने दी है, वह बिल्कुल सही है.साथ ही, जाे ्नलाउड सर्विसेज हैं, जिससे एआई का उपयाेग बढ़ा रहा है, इस क्षेत्र के साल 2027 तक रियायत दी गई है. जाे हाई वैल्यू एग्रीकल्चर है. उस पर भी बजट में सकारात्मक कदम उठाए गए हैं. बजट के साथ ही 16 वें वित्त आयाेग की रिपाेर्ट काे भी सदन के पटल पर रखा गया है.
 
ए्नशन टेकेन रिपाेर्ट का कार्यक्रम भी पेश किया गया है 15 वें वित्त आयाेग का अध्यक्ष रहते मैंने भी राज्याें के राजस्व में हिस्सेदारी काे बढ़ाकर 41 प्र्रतिशत करने की सिफारिश की थी, 16 वें वित्त आयाेग ने भी इतना ही लक्ष्य रखा है, जिसे सरकार ने मंजूर किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी अ्नसर रिफॅार्म ए्नसप्रेस की चर्चा करते हैं, अब इस आम बजट से रिफाॅर्म ए्नसप्रेस की गति में नई प्रगति जुड़ जाएगी. गाैरतलब है, जब केंद्रीय बजट पेश हाे रहा था, तब शेयर बाजार में गिरावट देखी गई वैसे, किसी भी बजट काे केवल शेयर सूचकांक के नजरिए से नहीं देखना चाहिए. कई बार शेयर बाजार में तुरंत प्रतिक्रिया दिखती है, पर हमें दिेखना चाहिए कि बुनियादी ढाचा विकास के लिए प्रस्तावित बजट में तीन लाख कराेड़ रूपये की वृद्धि हुई है. -एन के सिंह
 
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