क्रिकेट के नियमाें में हाेने जा रहे बड़े बदलाव

    05-Feb-2026
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मेरिलेबाेन क्रिकेट क्लब ने क्रिकेट के नियमाें में ऐतिहासिक बदलावाें की घाेषणा की है. सबसे बड़ा बदलाव टेस्ट क्रिकेट काे लेकर किया गया है.अब टेस्ट मैच मैच के दाैरान दिन के आखिरी ओवर के दाैरान यदि विकेट गिरता है, ताे खेल वहीं खत्म नहीं हाेगा. नए नियमाें के अनुसार, आखिरी ओवर हर हाल में पूरा किया जाएगा और आउट हाेने पर नया बल्लेबाज तुरंत मैदान में आएगा. यह बदलाव एमसीसी की ओर घाेषित नएनियमाें का हिस्सा हैं, जाे 1 अक्टूबर 2026 से लागू हाेंगे.एमसीसीने लाॅ 12.5.2 में बदलाव करते हुए साफ किया है कि दिन के आखिरी ओवर में विकेट गिरने पर खेल नहीं रुकेगा और नया बल्लेबाज तुरंत क्रीज पर आएगा. बचे हुए गेंद अगले दिन के लिए नहीं छाेड़े जाएंगे. एमसीसीकी नियम उप-कमेटी का मानना था कि पुराना नियम बल्लेबाजी टीम के पक्ष में झुका हुआ था और इससे मैच का राेमांच भी खत्म हाे जाता था.
 
एमसीसीने कहा, अगर फील्डिंग टीम आखिरी ओवर में विकेट लेती है और बल्लेबाजी टीम काे नया खिलाड़ी भेजने की जरूरत नहीं पड़ती, ताे यह नाइंसाफी है. यह वक्त अक्सर गेंदबाजाें के लिए सबसे अनुकूल हाेता है और ऐसे में खेल का राेमांच खत्म हाे जाता है. एमसीसीने यह भी स्पष्ट किया कि यह बदलाव समय बचाने के लिए नहीं है क्याेंकि बची हुई गेंदें अगले दिन फिर भी पूरी करनी पड़ती थी.एमसीसीने बताया कि इस बार क्रिकेट नियमाें कुल 73 महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, साथ ही कुछ भाषाई सुधार भी किए गए हैं. यह तीसरी बार है जब 2017 के काेड के काेड के बाद नियमाें में संशाेधन हुआ है. पहल2019 और फिर 2022 में बदलाव हुए थे.इन बदलावाें पर अब इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल की क्रिकेट कमेटी अगली बैठक में चर्चा करेगी, ताकि इन्हें प्लेइंग कंडीशन्स में शामिल किया जा सके.हालांकि, घरेलू क्रिकेट में इन बदलावाें काेलागू किया जाएगा या नहीं, यह राष्ट्रीय क्रिकेट बाेर्ड्स पर छाेड़ा गया है.
 
लैमिनेटेड बैट का इस्तेमाल जायज ! एमसीसीने वयस्क रिक्रिएशनल क्रिकेट में लैमिनेटेड बैट्स के इस्तेमाल काे भी मंजूरी दे दी है. लैमिनेटेड बैट अलग-अलग किस्म की लकड़ियाें से बनता है. आम बैट की तुलना में यह काफी सस्ता हाेता है और अधिकतम तीन लकड़ी के टुकड़ाें से बनाया जा सकता है. एमसीसी ने बताया कि इंग्लिश विलाे काे तैयार हाेने में 15 साल से ज्यादा समय लगता है और वैश्विक मांग तेजी से बढ़ रही है. इसी वजह से बैट महंगे हाेते जा रहे हैं. 2017 में ये बैट पहले ही जूनियर क्रिकेट में मंजूर किए जा चुके थे.अब लाॅर्ड्स में हुई बैठक और वैश्विक बैट निर्माताओं से बातचीत के बाद एमसीसीने इन्हें एडल्ट क्लब क्रिकेट के लिए भी हरी झंडी दी है.