मंगलवार, 3 फरवरी काे खाेपाेली स्थित आडाेशी सुरंग के पास एक ज्वलनशील रसायन से भरे टैंकर के पलट जाने के बाद मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे पर यातायात 24 घंटे से अधिक समय तक पूरी तरह ठप रहा.खंडाला घाट में गैस का टैंकर पलटने से 50 किमी तक गाड़ियाें की कतारें लगीं.इस दुर्घटना के कारण एक्सप्रेसवे और पुराने मुंबई-पुणे राजमार्ग दाेनाें पर भारी यातायात जाम लग गया, जिससे हजाराें यात्री फंस गए. एक्सप्रेसवे पर फंसे कई यात्री, जिनमें वरिष्ठ नागरिक, बच्चे और रात भर बस से यात्रा करने वाले लाेग शामिल हैं, घंटाें से भाेजन, पीने का पानी, शाैचालय या चिकित्सा सहायता जैसी सुविधाओं के बिना फंसे हुए हैं. कई यात्रियाें ने स्थिति काे चिंताजनक बताया और अधिकारियाें पर आपातकालीन स्थिति से निपटने में लापरवाही बरतने का आराेप लगाया.
कुछ लाेगाें ने यह भी शिकायत की है कि एक्सप्रेसवे पर बुनियादी सुविधाओं के अभाव के बावजूद यात्रियाें से टाेल वसूला जा रहा है. लगभग 22 घंटे बीत जाने के बाद भी मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे चालू नहीं हाे पाया. ट्रैफिक जामसमस्या का समाधान नहीं हुआ है. वाहनाें की लंबी कतारें लगी हुई हैं. मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और पुराना मुंबई-पुणे राजमार्ग भी जाम हैं. सड़क पर एक गैस टैंकर पलट गया है और उससे गैस रिस रही है, जिसके कारण यहाँ यातायात जाम हाे गया है.खबराें के अनुसार, एक यूजर ने एक्स पर लिखा, भारत का पहला एक्सप्रेसवे और मुंबई, पुणे और बेंगलुरु जैसे बड़े शहराें काे जाेड़ने वाला महत्वपूर्ण सड़क मार्ग ठप हाे गया है. दुर्घटना 15 घंटे से भी पहले हुई थी, लेकिन मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे की हालत देखिए. अभी भी सब जगह लाल निशान लगा हुआ है. यूजर ने 4 फरवरी काे दाेपहर 1:50 बजे का नवीनतम अपडेट साझा किया, जिसमें दिखाया गया कि पुराना राजमार्ग भी जाम से भरा हुआ है.