रेपाे रेट में बदलाव नहीं, लाेन महंगा नहीं हाेगा

    07-Feb-2026
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RBI
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्हाेत्रा ने वर्ष 2026 के पहले माैद्रिक नीति समिति के फैसलाें का शुक्रवार काे ऐलान किया. केंद्रीय बजट 2026-27 और हाल ही में हुए भारत-अमेरिका व्यापार समझाैते के बाद यह पहली नीतिगत समीक्षा है, जिस पर दलाल स्ट्रीट और आर्थिक जगत की निगाहें टिकी थीं. आरबीआई ने इस बार ब्याज दराें में काेई बदलाव नहीं किया है. रिजर्व बैंक की माैद्रिक नीति समिति ने उम्मीदाें के अनुरूप रेपाे रेट काे 5.25% पर यथावत खने का फैसला किया है. गवर्नर संजय मल्हाेत्रा ने घाेषणा की है कि एमपीसी ने नीतिगत रुख काे तटस्थ बनाए रखने का निर्णय लिया है.आरबीआई गवर्नर ने जाेर देकर कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है और घरेलू मुद्रास्फीति व विकास का परिदृश्य सकारात्मक है.
 
गवर्नर ने यह भी साफ किया कि भविष्य में माैद्रिक नीति संशाेधित श्रृंखला पर आधारित नए मुद्रास्फीति आंकड़ाें से निर्देशित हाेगी.
इससे पहले साल 2025 में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने उदार रुख अपनाते हुए रेपाे रेट में कुल 125 बेसिस पाॅइंट्स की बड़ी कटाैती की थी. दिसंबर 2025 में हुई साल की अंतिम माैद्रिक नीति समिति की बैठक में रेपाे रेट काे 25 बेसिस पाॅइंट और घटा दिया गया, जिससे यह 5.5% से घटकर 5.25% पर आ गया था. रिजर्व बैंक ने कहा है कि बाजार में अभी भी दाे लाख कराेड़ रुपए की तरलता माैजूद है. नए वित्त वर्ष की पहली और दूसरी तिमाही में महंगाई चार और 4.2 प्रतिशत पर बने रहने का अनुमान है.आरबीआई ने एमएसई के लिए बिना गारंटी ऋण सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख कर दी है, जाे 1 अप्रैल 2026 से लागू हाेगी.