आंध्र में एक से ज्यादा बच्चे पैदा करने पर 25,000 मिलेंगे

    10-Mar-2026
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आंध्र प्रदेश विधानसभा में मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने राज्य की नई जनसंख्या प्रबंधन नीति पेश की. उन्हाेंने चिंता जताई कि राज्य की प्रजनन दर (टीएफआर) घटकर 1.5 रह गई है, जाे जनसंख्या के संतुलन के लिए आवश्यक 2.1 के स्तर से काफी नीचे है. मुख्यमंत्री ने गिरती जन्मदर काे देखते हुए ज्यादा बच्चे पैदा करने पर प्राेत्साहन देने का निर्णय लिया है. उन्हाेंने कहा कि जिन परिवाराें में दूसरे या उससे अधिक बच्चे पैदा हाेंगे, उन्हें प्रसव के समय 25,000 रुपये की नकद प्राेत्साहन राशि दी जाएगी.मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका उद्देश्य गिरती जन्मदर काे राेकना और भविष्य में वर्कफाेर्स की कमी काे दूर करना है.मुख्यमंत्री नायडू ने सदन में आंकड़ाें के जरिए गिरती जनसंख्या के खतराें काे समझाया. उन्हाेंने कहा कि जन्मदर कमाेने से राज्य में युवाओं की संख्या कम और बुजुर्गाें की आबादी बढ़ रही है.
 
इससे अर्थव्यवस्था पर बाेझ बढ़ सकता है. आने वाले समय में खेती, उद्याेगाें और सेवाओं के लिए काम करने वाले युवाओं की कमी हाे सकती है. उन्हाेंने चेतावनी दी कि अगर दक्षिण भारत की जनसंख्या इसी तरह कम हाेती रही, ताे भविष्य में परिसीमन के बाद संसद में दक्षिण के राज्याें का प्रतिनिधित्व कम हाे सकता है.सदन में पेश किए गए आंकड़ाें के अनुसार, अभी करीब 58 प्रतिशत परिवाराें में सिर्फ एक बच्चा है.लगभग 2.17 लाख परिवाराें में दाे बच्चे हैं और लगभग 62 लाख परिवाराें में तीन या उससे ज्यादा बच्चे हैं. मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि लगभग तीन लाख परिवाराें में दाे के बजाय सिर्फ एक बच्चा है, जबकि दूसरे तीन लाख परिवाराें में दाे से ज्यादा बच्चे हैं. उन्हाेंने इस बदलाव काे एक गेम चेंजर बताया है.