निर्माण कार्याें से हाेने वाले प्रदूषण काे कम करने के उपाय अनिवार्य करने के साथ-साथ अनाधिकृत निर्माणाें पर राेक लगाने के लिए पुणे मनपा ने कदम उठाए हैं. अब आगे से रात देर तक चलने वाले निर्माण कार्याें पर भी प्रतिबंध लगाया जाएगा और सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक ही निर्माण कार्य करने के आदेश जारी किए जाएंगे.इतना ही नहीं, अनाधिकृत निर्माणाें पर कार्रवाई कर उन्हें हटाने के बाद उस पर हाेने वाला खर्च संबंधित लाेगाें से वसूलने के लिए भी विशेष प्रयास किए जाएंगे.शहर में अनाधिकृत निर्माण और निर्माण कार्याें से हाेने वाले वायु प्रदूषण के मुद्दे इस समय प्रमुख रूप से सामने आए हैं. निर्माण स्थलाें पर हाेने वाले प्रदूषण के कारण पुणे देश के प्रदूषित शहराें में गिना जाने लगा है, जिससे नागरिकाें के स्वास्थ्य पर भी खतरा बढ़ रहा है.
इस पृष्ठभूमि में मनपा और राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने प्रदूषण कम करने के लिए कदम उठाते हुए निर्माण कार्याें के लिए एक नियमावली तैयार की है.इस नियमावली के अनुसार, निर्माण स्थलाें पर टीन शेड लगाना, हरे रंग के कपड़े (ग्रीन नेट) लगाना, भवन ताेड़ते समय उस पर पानी का छिड़काव करना, 5 हजार स्क्वेयर फुट से अधिक के निर्माण स्थलाें पर धूल कणाें के प्रदूषण काे मापने के लिए सेंसर लगाना तथा उसके अनुसार उपाय करना अनिवार्य किया गया है. इन नियमाें के पालन पर प्रशासन विशेष ध्यान दे रहा है. आदेशाें का उल्लंघन करने वाले निर्माण कार्याें काे राेकने की कार्रवाई भी की जा रही है.अवैध निर्माणाें काे राेकने के लिए वार्ड स्तर के कनिष्ठ अभियंताओं से लेकर निर्माण विभाग के निर्माण निरीक्षकाें और उप अभियंताओं काे अपने क्षेत्र में चल रहे निर्माण स्थलाें का सर्वेक्षण कर रिपाेर्ट देना और वरिष्ठ स्तर पर आगे की कार्रवाई करना अनिवार्य किया गया है.
स्थायी समिति ने यह भी निर्देश दिया है कि इसके बाद भी यदि अवैध निर्माण पाए जाते हैं ताे संबंधित अभियंताओंकाे जिम्मेदार ठहराया जाएगा.इस संबंध में शहर अभियंता अनिरुद्ध पावसकर ने बताया कि निर्माण स्थलाें पर प्रदूषण राेकने के लिए फिलहाल 5 हजार स्क्वेयर फुट तक के निर्माण स्थलाें पर सेंसर लगाने का नियम है, जिसे जल्द ही 1 हजार स्क्वेयर फुट तक के निर्माणाें पर भी लागू करने की याेजना बनाई जा रही है. कनिष्ठ और उप अभियंताओं के लिए प्रतिदिन जानकारी भरने हेतु स्प्रेडशीट तैयार की जाएगी और इसके लिए एक ऐप भी विकसित किया जाएगा, जिस पर वरिष्ठ स्तर से निगरानी की जाएगी.उन्हाेंने यह भी कहा कि शहर में रात देर तक निर्माण कार्य चलने के कारण नागरिकाें से शिकायतें मिल रही हैं. इसलिए अब सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक ही निर्माण कार्य करने की अनुमति देने का निर्णय लिया जा रहा है.