अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के दाैरान भारत काे कच्चे तेल की कमी नहीं हाेगी. क्योंकि देश में 4000 कराेड़ लीटर पेट्राेल-डीजल का बड़ा स्टाॅक माैजूद है.केंद्र सरकार ने युद्ध के चलते तेल की कमी की खबराें पर अपना स्पष्टीकरण दिया है.रिपाेर्ट जारी करते हुए केंद्र ने कहा-अब केवल कुछ देशाें से तेल खरीदने पर भारत निर्भर नहीं है. 27 की जगह 40 देशाें से पेट्राेल-डीजल खरीदा जा रहा है. खाड़ी ेशाें से तेल खरीदी का रास्ता बंद हाेने पर नए रूट से तेल मंगाया जा रहा है.भारत के पास अभी कच्चे तेल और रिफाइंड पेट्राेलियम प्राेडक्ट्स का 25 कराेड़ बैरल से ज्यादा का स्टाॅक है.सरकार की रिपाेर्ट के अनुसार यह बैकअप इतना है कि अगर सप्लाई पूरी तरह रुक भी जाए, ताे भी देश की पूरी सप्लाई चेन 7 से 8 हफ्ताें तक आसानी से चल सकती है.
यानी आने वाले दिनाें में पेट्राेलडीजल और दूसरे पेट्राेलियम प्राेडक्ट्स कीकमी की काेई टेंशन नहीं है. यह रिपाेर्ट उन दावाें काे खारिज करती है जिनमें कहा गया था कि भारत के पास केवल 25 दिनाें का रिजर्व बचा है. सरकार ने साफ किया है कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा अब किसी एक रूट या देश पर निर्भर नहीं है. रिपाेर्ट में कहा गया है कि भारत की एनर्जी खरीद पूरी तरह से राष्ट्रहित पर आधारित है. पिछले 10 सालाें में भारत ने अपने तेल साेर्सिंग के दायरे काे काफी बढ़ाया है. एक दशक पहले भारत केवल 27 देशाें से तेल खरीदता था, जाे अब बढ़कर 40 हाे गए हैं. वैश्विक स्तर पर तनाव के बावजूद भारत ने अपनी जरूरताें के लिए नए रास्ते तलाशे हैं. दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री रास्ताें में से एक ‘स्ट्रेट ऑफ हाेर्मुज’ काे लेकर अक्सरचिंता जताई जाती है, लेकिन भारत ने अपनी रणनीति बदल ली है. अब भारत का केवल 40% कच्चा तेल इस रास्ते से आता है.
बाकी 60% तेल रूस, पश्चिमी अफ्रीका, अमेरिका और मध्य एशिया जैसे वैकल्पिक रास्ताें से आता है. रिपाेर्ट के मुताबिक वे दिन अब नहीं रहे जब भारत की एनर्जी सिक्याेरिटी किसी एक समुद्री रास्ते पर निर्भर थी. अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने भारतीय रिफाइनरियाें काे 30 दिन का स्पेशल लाइसेंस दिया है. ये लाइसेंस 3 अप्रैल तक वैलिड रहेगा. इससे भारत में कच्चे तेल की कमी की संभावना नहीं है. इसके अलावा पेट्राेलडीजल के दाम बढ़ने का संकट फिलहाल खत्म हाे गया है. पेट्राेलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल के आंकड़ाें के हवाले से बताया गया कि भारत में पिछले चार सालाें से पेट्राेल-डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं.