राज्य सरकार ने बढ़ते ट्रैफिक जाम और शहरी प्रदूषण की गंभीर समस्याओं काे कंट्राेल करने के लिए एक अहम फैसला लिया है. राज्य में साेमवार यानी 9 मार्च से नए ऑटाे रिक्शा काे लाइसेंस देने का प्राेसेस कुछ समय के लिए राेक दिया है. ट्रांसपाेर्ट मिनिस्टर प्रताप सरनाइक ने यह जानकारी दी. उन्हाेंने साफ किया कि नए लाइसेंस देने पर फैसला कैबिनेट से चर्चा करने और एक साफ प्राेसीजर यानी एसओपी तैयार करने के बाद ही लिया जाएगा.इसलिए, यह साफ है कि फिलहाल पूरे राज्य में नए ऑटाे रिक्शा लाइसेंस जारी नहीं किए जाएंगे.सरनाइक ने कहा कि राज्य के कई बड़े शहराें में ऑटाे रिक्शा की संख्या काफी बढ़ गई है. इससे ट्रैफिक पर काफी दबाव पड़ रहा है और ट्रैफिक जाम की समस्या दिन-ब- दिन गंभीर हाेती जा रही है.
खासकर मुंबइऔर उसके उपनगराें में रिक्शा की संख्या में भारी बढ़ाेतरी ने ट्रैफिक मैनेजमेंट काे और मुश्किल बना दिया है.सरकार का मानना है कि नए लाइसेंस देने का प्राेसेस कुछ समय के लिए राेकने की जरूरत है क्याेंकि शहराें में सड़काें की कैपेसिटी और गाड़ियाें की बढ़ती संख्या के बीच बड़ा अंतर है.इस फैसले काे लेकर केंद्र सरकार से बातचीत हुई है. मिनिस्ट्री ऑफ राेड ट्रांसपाेर्ट एंड हाईवेज़ ने राज्य सरकार काे लाेकल हालात के हिसाब से फैसला लेने की सलाह दी है.माेटर व्हीकल्स (अमेंडमेंट) एक्ट, 2019 के तहत, राज्य सरकार काे ट्रांसपाेर्ट सिस्टम काे रेगुलेट करने के लिए ज़रूरी अधिकार दिए गए हैं. साथ ही, माेटर व्हीकल्स एक्ट, 1988 के सेक्शन 67 (3) के मुताबिक, राज्य सरकार के पास पैसेंजर और गुड्स ट्रांसपाेर्ट से जुड़े लाइसेंस बदलने और अलग-अलग स्कीम लागू करने का अधिकार है.