दिल्ली दंगाें की साजिश से जुड़े मामले में आराेपी शरजील इमाम काे अदालत से राहत मिली है. दिल्ली की एक अदालत ने उन्हें 10 दिन की अंतरिम जमानत दी है. काेर्ट ने यह राहत उनके भाई की शादी में शामिल हाेने और बीमार मां की देखभाल करने के लिए दी है.काेर्ट के इस आदेश के बाद शरजील इमाम काे तय अवधि के लिए जेल से बाहर रहने की अनुमति मिल गई है.हालांकि यह राहत सीमित अवधि के लिए है. उन्हें 10 दिन बाद दाेबारा अदालत के निर्देशाें के अनुसार आगे की कानूनी प्रक्रिया का पालन करना हाेगा. बताया गया है कि शरजील इमाम ने अदालत से पारिवारिक परिस्थितियाें का हवाला देते हुए अंतरिम जमानत की मांग की थी. उन्हाेंने कहा था कि उनके भाई की शादी है और उनकी मां की तबीयत भी ठीक नहीं है. इसलिए उन्हें कुछ समय के लिए बाहर जाने की अनुमति दी जाए.अदालत ने इन परिस्थितियाें काे ध्यान में रखते हुए उन्हें 10 दिन की अंतरिम जमानत दे दी.
दिल्ली के पूर्वाेत्तर इलाकाें में हिंसा उस समय हुई थी, जब वर्ष 2020 में नागरिकता संशाेधन कानून और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर काे लेकर विराेध प्रदर्शन चल रहे थे. हिंसा और आगजनी के दाैरान 53 लाेगाें की माैत हुई थी. आक्राेशित लाेगाें ने केंद्र सरकार के फैसलाें- राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनसीआर) और नागरिकता संशाेधन कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन किए थे. हालांकि, दिल्ली पुलिस के आराेपाें में प्रदर्शनकारियाें पर कई गंभीर आराेप लगाए गए. सीएए व एनआरसी के विराेध में सबसे लंबा चलने वाला धरना शाहीनबाग में जेएनयू छात्र शरजील इमाम ने खड़ा किया था और यहीं दिल्ली दंगाें की साजिश भी रची गई.शरजील के अलावा जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद, जामिया व आईआईटी के छात्राें ने भी बड़ी भूमिका निभाई थी.दूसरी तरफ जेएनयू के अल्पसंख्यक समुदाय के छात्राें के व्हाट्सएप ग्रुप की भी साजिश रचने में बड़ी भूमिका थी.