संत राजिन्दर सिंह जी द्वारा स्पिरिचुएलिटी-साइंस रिसर्च सेंटर उद्घाटित

    14-Mar-2026
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इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नाेलाॅजी (आईआईटी) मद्रास में एक विशेष अवसर पर विश्व-विख्यात आध्यात्मिक गुरु और आईआईटी मद्रास के पूर्व छात्र संत राजिन्दर सिंह जी महाराज ने 10 मार्च 2026 काे अपने नाम पर स्थापित सेंटर फाॅर एडवांस्ड रिसर्च इन स्पिरिचुएलिटी, साइंस एंड साेसाइटी का उद्घाटन किया.विज्ञान, इंजीनियरिंग और आध्यात्मिकता के क्षेत्राें काे एक साथ जाेड़ते हुए यह केंद्र नैतिक मूल्याें के आधार पर नई खाेजाें काे बढ़ावा देने और मानवता की भलाई के लिए शाेध का प्रमुख केंद्र बनेगा.अपने पुराने शिक्षा संस्थान में पहुंचकर संत राजिन्दर सिंह जी महाराज ने ‘इंजीनियरिंग याेर इनर पीस’ विषय पर प्रेरणादायक संदेश दिया, जिससे देशभर से उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे युवाओं काे मार्गदर्शन मिला. कार्यक्रम की शुरुआत में आईआईटी मद्रास के डीन प्राे. अश्विन महालिंगम और आईआईटी मद्रास के निदेशक प्राे. वी. कामकाेटी ने संत राजिन्दर सिंह जी महाराज का स्वागत किया.
 
आईआईटी मद्रास के रिसर्च पार्क ऑडिटाेरियम में बाेलते हुए संत राजिन्दर सिंह जी महाराज, जिन्हाेंने 1967 में आईआईटी मद्रास से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक. की डिग्री प्राप्तकी थी, उन्हाेंने इस ऐतिहासिक पहल पर अपने विचार साझा किए और मन की शांति प्राप्त करने के कई उपाय बताए.उन्हाेंने कहा कि जिस प्रकार एक इंजीनियर ठाेस और प्रमाणित परिणामाें तक पहुंचने तथा नई खाेज करने के लिए वैज्ञानिक तर्क और व्यावहारिक तरीकका उपयाेग करता है, उसी प्रकार ध्यानअभ्यास भी एक वैज्ञानिक साधन की तरह हमें स्पष्ट और स्थायी परिणाम प्रदान करता है. जब हम इसका नियमित अभ्यास करते हैं, ताे इसके माध्यम से हम स्वयं काे आत्मिक रूप में पहचानने और ईश्वर तक पहुंचने का सही मार्ग प्राप्त करते हैं.इससे व्यक्ति काे आंतरिक शांति और आनंद का अनुभव हाेता है. अपने संबाेधन के अंत में उन्हाेंने आधुनिक जीवन की चुनाैतियाें के बीच मानसिक और बाैद्धिक कार्याें काे आध्यात्मिक प्रगति के साथ संतुलित रखने की आवश्यकता पर जाेर दिया.