600 कराेड़ के घाेटाले में ईडी द्वारा 19 स्थानाें पर छापे

    15-Mar-2026
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ED 
 
 
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक से जुड़े 597 कराेड़ रुपये के घाेटाले के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए चंडीगढ़, माेहाली, पंचकूला, गुरुग्राम और बेंगलुरु में कुल 19 ठिकानाें पर तलाशी अभियान चलाया. ईडी के चंडीगढ़ जाेनल कार्यालय के अनुसार, यह मामला हरियाणा सरकार, नगर निगम चंडीगढ़ और अन्य सरकारी खाताें के 597 कराेड़ रुपये के गबन से जुड़ा है.यह राशि बैंक में फिक्स्ड डिपाॅजिट के रूप में जमा की जानी थी, लेकिन आराेप है कि संबंधित लाेगाें ने बिना अनुमति सरकारी धन काे दूसरी जगहाें पर डायवर्ट कर दिया.तलाशी अभियान में पूर्व बैंक कर्मचारी रिभव ऋषि और अभय कुमार, उनके परिजनाें तथा लाभार्थी शेल कंपनियाकाे शामिल किया गया.
 
जांच के दायरे में स्वास्तिक देश प्राेजेक्ट्स, कैपकाे फिनटेक सर्विसेज, मां वैभव लक्ष्मी इंटीरियर्स और एसआरआर प्लानिंग गुरुस प्राइवेट लिमिटेड जैसी कंपनियां भी आईं. इसके अलावा सावन ज्वेलर्स और रियल एस्टेट डेवलपर विक्रम वाधवा तथा उनकी व्यावसायिक इकाइयाें पर भी छापे मारे गए.ईडी ने यह जांच प्रिवेंशन ऑफ मनी लाॅन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत शुरू की है. यह कार्रवाई हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निराेधक ब्यूराे, पंचकूला द्वारा फरवरी 2026 में दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई थी. जांच में हरियाणा के विकास एवं पंचायत विभाग के बैंक खाते में बैलेंस में गड़बड़ी सामने आई थी, जाे आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्माॅल फाइनेंस बैंक में संचालित थे.
 
ईडी के अधिकारियाें के अनुसार, आराेपियाें ने सरकारी धन काे कई शेल कंपनियाें के माध्यम से घुमाकर छिपाने (लेयरिंग) की काेशिश की. इस पूरे घाेटाले में स्वास्तिक देश प्राेजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड नामक शेल कंपनी के जरिए सबसे पहले बड़ी रकम काे डायवर्ट किया गया.इस कंपनी के साझेदार स्वाति सिंगला और अभिषेक सिंगला बताए गए हैं. इसके बाद धन काे ज्वेलर्स के बैंक खाताें के जरिए आगे भेजा गया, ताकि फर्जी बिलिंग के माध्यम से साेने की खरीद का भ्रम पैदा किया जा सके. ईडी के अनुसार यह घाेटाला पिछले एक वर्ष के दाैरान पूर्व बैंक कर्मचारियाें की मदद से अंजाम दिया गया. रिभव ऋषि, जाे जून 2025 में बैंक से इस्तीफा दे चुके हैं, पर आराेप है कि उन्हाेंने कई शेल कंपनियाें के जरिए सरकारी धन की हेराफेरी की. कुछ धनराशि उनके और उनकी पत्नी दिव्या अराेड़ा के खाताें में भी ट्रांसफर की गई.