नागरिकाें पर आवारा कुत्ताें के हमलाें की घटनाओं में लगातार बढ़ाेतरी के बीच मनपा की ओर से शहर के खराड़ी, शिंदेवाड़ी और भूगांव क्षेत्राें में कुत्ताें के लिए शेल्टर अर्थात आश्रय केंद्र बनाए जा रहे हैं. इन शेल्टराें में प्रत्येक स्थान पर एक हजार कुत्ताें काे रखा जा सकेगा.भुगांव स्थित शेल्टर का कार्य 40 प्रतिशत पूरा हाे चुका है, ऐसी जानकारी मनपा की पशु चिकित्साधिकारी डाॅ. सारिका फुंडे-भाेसले ने दी है.शहर में आवारा कुत्ताें की समस्या दिन-प्रतिदिन गंभीर हाेती जा रही है. इन कुत्ताें से सबसे अधिक परेशानी रात में देर से काम से घर लाैटने वाले और सुबह जल्दी व्यायाम के लिए घर से निकलने वाले नागरिकाें काे हाेती है.
इसलिए मनपा द्वारा कुत्ताें की संख्या नियंत्रित करने के लिए उन्हें पकड़करनसबंदी शल्यक्रिया की जाती है. इसके बाद उन्हें उसी स्थान पर छाेड़ दिया जाता है जहां से पकड़ा गया था. इस कार्य के लिए विभिन्न संस्थाओं की नियुक्ति की जाती है. कुत्ताें की नसबंदी पर मनपा द्वारा हर वर्ष कराेड़ाें रुपये खर्च किए जाते हैं.फिर भी कुत्ताें की संख्या नियंत्रण में नहीं आ रही है. नसबंदी के बाद गले में पट्टा बांधे गए कुत्ताें के भी पिल्ले हाेने के मामले सामने आए हैं. इससे नसबंदी प्रक्रिया पर प्रश्नचिह्न खड़े हाे रहे हैं. पहले आवारा कुत्ताें से खतरा रात देर से और सुबह जल्दी अधिक रहता था, लेकिन पिछले कुछ महीनाें से दिन के समय भी नागरिकाें पर हमले हाे रहे हैं.उच्चतम न्यायालय ने स्थानीय निकायाें काे आवारा कुत्ताें के लिए आश्रय गृह बनाने के निर्देश दिए हैं. उसी के अनुसार मनपा द्वारा खराड़ी, शिंदेवाड़ी और भुगांव में कुत्ताें के लिए शेल्टर यानी आश्रय केंद्र बनाए जा रहे हैं.