अन्न व औषध प्रशासन, महाराष्ट्र राज्य की जांच में अलब्युरेल नामक औषधि के बनावटी (नकली) रूप से बाजार में विक्रय किए जाने का तथ्य सामने आया है. इस प्रकरण में पुणे, मुंबई, नागपुर और रायगढ़ के पांच थाेक विक्रेताओं के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है.जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले इस गिराेह का खुलासा औषधि निरीक्षक श्रुतिका जाधव की शिकायत पर हुआ है. पुलिस ने बताया कि अन्न व औषध प्रशासन, महाराष्ट्र राज्य के पुणे विभाग में कार्यरत औषधि निरीक्षक श्रुतिका जाधव ने 28 जुलाई 2025 काे सदाशिव पेठ स्थित मे. मैत्री फार्मास्युटिकल्स में जांच की. वहां से अलब्युरेल तथा रिच्यूएक्सरेल नामक औषधियाें के नमूने लेकर उन्हें शासकीय विश्लेषक, मुंबई के पास परीक्षण हेतु भेजा गया.
शासकीय विश्लेषक की प्रतिवेदन के अनुसार अलब्युरेल औषधि आईपी परीक्षण में असफल पाई गई है तथा उसे औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 की धारा 17 ब के अंतर्गत बनावटी घाेषित किया गया है.जांच के दाैरान इस बनावटी औषधि की क्रय-विक्रय श्रृंखला में मे. मैत्री फार्मास्युटिकल्स सदाशिव पेठ पुणे, मे. श्री साई लाॅजिस्टिक नागपुर, एम एस नेक्सस लाइफकेयर प्रा. लि. दादर पूर्व मुंबई, एन आर एक्स डिस्ट्रीब्यूटर्स एलएलपी सायन मुंबई, तथा एम एस आरआरटी फार्मा कामाेठे रायगढ़ इन सभी द्वारा आपसी सांठ-गांठ कर बनावटी औषधियाें की खरीद-फराेख्त किए जाने का आराेप है.