खामेनेई सहित पूरे परिवार की हत्या से ईरान में हड़कंप

    03-Mar-2026
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अमेरिका-इजराइल युद्ध के 24 घंटे में ईरान में 1200 बम गिराए. हमले के समय खामनेई कमांडर्स के साथ मीटिंग कर रहे थे कि इसी बीच धमाका हुआ और उनकी माैत हाे गई.हमले में 250 से ज्यादा की माैत हाे गई जबकि 1000 लाेग घायल हुए हैं.इजराइल की वायु सेना का कहना है कि उसने अमेरिका के साथ संयुक्त हमले में पिछले एक दिन में ईरान पर 1,200 से ज्यादा बम गिराए हैं. इन हमलाें में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की माैत हाे गई है. उनके ऑफिस काॅम्प्लेक्स पर शनिवार काे 30 मिसाइलाें से हमला हुआ था. हमले में उनकी बेटी-दामाद, बहू और पाेती समेत काॅम्प्लेक्स में माैजूद थे.हमले के समय खामनेई कमांडर्स के साथ मीटिंग कर रहे थे.
 
इजराइल के प्रधानमंती नेतन्याहू ने शनिवार देर रात खामनेई के मारे जाने की बात कही थी. इसके कुछ देर बाद अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प ने भी उनके मारे जाने का दावा किया था. रविवार सुबह ईरान की सरकारी मीडिया एजेंसी तसनीम और फार्स ने इसकी पुष्टि की.ईरानी इस्लामिक रेवाेल्यूशनरी गार्ड काॅर्प्स ने कहा, हमने एक महान नेता खाे दिया है और पूरा देश शाेक मना रहा है. इधर ईरानी सेना ने कहा कि वह सबसे खतरनाक अभियान की शुरुआत करने जा रही है. हमला कुछ देर में शुरू हाेगा और अमेरिकी ठिकानाें काे निशाना बनाया जाएगा. इजराइल और अमेरिका ने ईरान की राजधानी तेहरान समेत 10 बड़े शहराें काे निशाना बनाया.हमलाें से अब तक 200 से ज्यादा लाेगाें की माैत हाे चुकी है, जबकि 740 से ज्यादा लाेग घायल हुए हैं. एक स्कूल पर मिसाइल गिरने से 148 छात्राओं की माैत हाे गई और 45 घायल हैं. ईरान ने भी देशाें पर जवाबी हमले किए थे.
 
राष्ट्रपति ट्रंप ने पाेस्ट में लिखा, ईरान ने अभी-अभी कहा है कि वे आज बहुत जाेरदार हमला करेंगे, जितना उन्हाेंने पहले कभी नहीं किया. लेकिन उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए, क्याेंकि अगर उन्हाेंने ऐसा किया, ताे हम उन पर ऐसी ताकत से हमला करेंगे जाे पहले कभी नहीं देखी गई. अमेरिकी राष्ट्रपति डाेनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर घातक हमला करने के फैसले का व्हाइट हाउस ने बचाव किया. इस हमले में ईरान के सर्वाेच्च नेता के मारे जाने का दावा किया जा रहा है.वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियाें ने कहा कि मिसाइल खतराें और परमाणु गतिविधियाें से संबंधित खुफिया जानकारी े अमेरिका के पास मकाेई विकल्प नहीं छाेड़ा था. एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी काे जवाबी कार्रवाई नहीं बल्कि पूर्व-नियाेजित और रक्षात्मक कार्रवाई बताते हुए कहा कि राष्ट्रपति ने फैसला किया कि वह चुपचाप बैठकर क्षेत्र में अमेरिकी सेनाओं काे पारंपरिक मिसाइलाें के हमलाें का सामना नहीं करने देंग