घर में यीशु की तस्वीर रखना धर्म परिवर्तन का प्रमाण नहीं : हाई काेर्ट

    09-Mar-2026
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HC 
घर में क्राॅस या यीशु की तस्वीर रखना धर्मांतरण का प्रमाण नहीं है. बाॅम्बे हाई काेर्ट की नागपुर बेंच ने हाल ही में एक मामले की सुनवाई करते हुए महत्वपूर्ण फैसला सुनाया कि धर्मांतरण के दावे काे साबित करने के लिए ठाेस दस्तावेजी सबूत आवश्यक हैं. जाति सत्यापन समिति (सीवीसी) ने अकाेला के एक काॅलेज छात्र े अनुसूचित जाति (एससी) प्रमाण पत्र के आवेदन काे खारिज कर दिया था.इसके लिए समिति ने सबूत पेश करते हुए कहा था कि छात्र के घर में एक क्राॅस और यीशु की एक तस्वीर थी और 1962 के स्कूल रिकाॅर्ड में परिवार काे ईसाई के रूप में दर्ज किया गया था.
 
छात्र ने सीवीसी के इसैसले काे उच्च न्यायालय में चुनाैती दी थी. उसकी याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति मुकुलिकाजावलकर और न्यायमूर्ति नंदेश देशपांडे की दाे-न्यायाधीशाें की पीठ ने उपराेक्त फैसला सुनाया.अदालत ने कहा कि किसी व्यक्ति के घर में क्राॅस या यीशु मसीह की छवि या र्ति की उपस्थिति काे इस बात का प्रमाण नहीं माना जा सकता कि उस व्यक्ति ने ईसाई धर्म अपना लिया है. इस मामले में, धर्मांतरण के दावे काे साबित करने के लिए ठाेस दस्तावेजी साक्ष्य जैसे कि बपतिस्मा समाराेह के दस्तावेज़ या बपतिस्मा प्रमाण पत्र आवश्यक हैं. केवल धार्मिक प्रतीकाें या पुराने अभिलेखाें के आधार पर धर्मांतरण का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता.