छत्रपति संभाजीनगर शहर काे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मानचित्र पर लाने की महापालिका की महत्वाकांक्षी याेजना अब विवादाें के घेरे में है. मुंबई, पुणे और नागपुर की तर्ज पर 56 कराेड़ की लागत से गरवारे स्टेडियम का कायाकल्प करने के लिए प्रशासन ने 30 से 40 साल पुराने डेरेदार पेड़ाें काे काटने का निर्णय लिया है.इसके विराेध में शनिवार काे शहर के पर्यावरण प्रेमी और स्थानीय निवासी सड़काें पर उतर आए और चिपकाे आंदाेलन शुरू करने की चेतावनी दी.
प्रशासनिक याेजना के अनुसार, नगर नाका से दाैलताबाद टी-पाॅइंट तक सड़क निर्माण के लिए लगभग 1,000 पेड़ और गरवारे स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं के लिए 75 पुराने पेड़ काटे जाने हैं. प्रदर्शनकारियाें का कहना है कि ये पेड़ शहर के ऑक्सीजन हब हैं और इनके कटने से पर्यावरण संतुलन बिगड़ जाएगा. वरिष्ठ नागरिकाें और युवाओं के लिए यह स्थान टहलने और अभ्यास करने का एकमात्र सुरक्षित क्षेत्र है. नागरिकाें ने स्पष्ट किया कि वे विकास के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन इसे पेड़ाें की बलि देकर स्वीकार नहीं किया जाएगा.