पिंपरी-चिंचवड़ मनपा में मुख्य अग्निशमन अधिकारी के बहुत संवेदनशील पद काे पिछले कई वर्षाें से खाली रखने और जानबूझकर इसका ‘अतिरिक्त प्रभार’ देने के संदिग्ध प्रबंधन की अब पूरी जांच हाेगी. विधान परिषद में विधायक अमित गाेरखे के सुझाव पर जवाब देते हुए मंत्री उदय सामंत ने साफ किया कि इस मामले में एक उच्चस्तरीय समिति बनाकर पूरी जांच की जाएगी और दाेषियाें के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.सुझाव पेश करते हुए विधायक अमित गाेरखे ने मनपा प्रशासन के कामकाज पर गंभीर सवाल उठाए.उन्हाेंने कहा कि पिंपरी-चिंचवड़ एक महत्वपूर्ण इंडस्ट्रियल शहर है. ऐसे शहर की सुरक्षा के लिए मुख्य अग्निशमन अधिकारी का पद बहुत ज़रूरी है.
साथ ही विधायक श्रीकांत भारती और उमा खापरे ने भी इस मुद्दे काे विधान परिषद में उठाया और कहा, प्रशासन के कुछ वरिष्ठ अधिकारियाें ने मिलीभगत कर जानबूझकर इस पद काे खाली रखा है. बिना नियमित भर्ती के ऋषिकेश चिपाडे काे अतिरिक्त प्रभार देना न सिर्फ प्रशासनिक देरी है बल्कि भ्रष्टाचार काे भी बढ़ावा दे रहा है.विधान परिषद के सदस्याें के सुझाव पर मंत्री उदय सामंत ने कहा कि अगर इस पूरी प्रक्रिया में काेई गड़बड़ी या भ्रष्टाचार हुआ है, ताे एक उच्चस्तरीय समिति बनाकर पूरी जांच की जाएगी. साथ ही, ऋषिकेश चिपड़े द्वारा दिए गए सभी एनओसी और परमिट की फिर से जांच की जाएगी. सही तरीके से फायर ऑडिट करने के निर्देश भी दिए जाएंगे. मंत्री ने परिषद में साफ किया कि अगर इस जांच में तत्कालीन सहायक आयुक्त, उपायुक्त या काेई और दाेषी पाया जाता है, ताे उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, यह स्पष्ट किया