मनपा द्वारा लगभग 2800 कराेड़ रुपये खर्च करके लागू की जा रही समान जलापूर्ति याेजना में गंभीर त्रुटियां सामने आई हैं. काेंढवा, हड़पसर, कात्रज सहित कई क्षेत्राें में नई पाइपलाइन नहीं डाले जाने के कारण 70 स्थानाें पर पुरानी पाइपलाइनाें से दूषित पानी की आपूर्ति हाे रही है. मनपा ने खर्च कम करने के लिए कुछ क्षेत्राें काे याेजना से बाहर कर दिया था. इसका खामियाजा अब नागरिकाें काे भुगतना पड़ रहा है.समान जलापूर्ति याेजना के अंतर्गत जहां पाइपलाइन डाली जानी थी, वहां कुछ क्षेत्राें काे याेजना से बाहर कर दिया गया. इससे मनपा का खर्च कम हुआ.इन क्षेत्राें में पुरानी पाइपलाइन के पास ही सीवर की पाइपलाइन है और उसमें से हाेने वाली गंदे पानी का रिसाव पीने के पानी की पाइपलाइन में पहुंच रहा है.
इससे स्वास्थ्य का गंभीर प्रश्न उत्पन्न हाे गया है. इस विषय में मनपा प्रशासन के पास कई शिकायतें प्राप्त हुई हैं और इस पूरे मामले काे लेकर नगरसेवकाें ने साधारण सभा में प्रशासन काे कठघरे में खड़ा किया था.जहां नई पानी की पाइपलाइन नहीं डाली गई है, वहां पीने के पानी में दूषित पानी मिल रहा है. ऐसे 70 स्थानाें की सूची मनपा ने तैयार की है. इनमें येरवड़ा के शिवराज चाैक, अशाेकनगर, लक्ष्मीनगर, यशवंतनगर, कामराजनगर, जनतानगर, बालघरवाड़ा, खराड़ी, संभाजीनगर, राठी चेंबर, लूप राेड येरवड़ा, ताड़ीवाला झाेपड़पट्टी, नागपुरचाल मस्जिद गली, जाधवनगर, आगम मंदिर से जैन मंदिर, जनवाड़ी, वडारवाड़ी की गलियां, पाषाण, धायरी, सुतारदरा, काेंढवा, शिवनेरीनगर, भाग्याेदयनगर, हड़पसर, कात्रज, संताेषनगर, पर्वतीदर्शन, धनकवड़ी आदर्शनगर, ससाणेनगर, तरवड़े बस्ती, काेंढवा बुद्रुक, साईंनगर, वेतालबाबा वसाहत, इंदिरानगर दत्तामंदिर, सुखसागरनगर, सुपर इंदिरानगर सहित अन्य क्षेत्राें में दूषित पानी की समस्या उत्पन्न हुई है.
जिन क्षेत्राें में नई पाइपलाइन नहीं डाली गई है, वहां पुरानी पाइपलाइन सीवर पाइपलाइन के पास है. उसमें हाेने वाले रिसाव के कारण सीवर का पानी पीने के पानी में मिल जाता है. पीने का पानी पीले रंग का, लाल रंग कातथा दुर्गंधयुक्त हाे जाता है. नागरिकाें में स्वास्थ्य संबंधी भय उत्पन्न हाे गया है. अब तक 70 स्थानाें पर दूषित पानी की समस्या दर्ज की गई है. मनपा ने इस समस्या के समाधान के लिए पाइपलाइन और सीवर पाइपलाइन के स्थानांतरण तथा मरम्मत के लिए 20 कराेड़ रुपये का टेंडर जारी किया है.