कैंसर हाॅस्पिटल ‘पीपीपी’ पर देने के फैसले से विवाद

    15-Apr-2026
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PPP 
थेरगांव में 100 बेड वाला समर्पित कैंसर हाॅस्पिटल, जाे पिंपरी-चिंचवड़ शहर के कैंसर मरीजाें के लिए वरदान साबित हाेगा, उसे मनपा द्वारा खुद चलाए जाने के बजाय किसी प्राइवेट संस्था काे देने की काेशिशें चल रही हैं.असल में राज्य सरकार ने मनपा के लिए ‘ऑन्काे सर्जन’ और ‘ऑन्काे फिजिशियन’ के पदाें काे मंजूरी दे दी है. अब सवाल उठ रहा है कि मनपा के पास इस पर ‘वाईसीएम’ जैसा बड़ा पाेस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूशन हाेने के बावजूद इसका प्रबंधन किसी प्राइवेट संस्था काे क्याें दिया जा रहा है.अब विवाद के संकेत मिल रहे हैं. थेरगांव में 35 गुंठा जमीन पर 11 मंजिला अत्याधुनिक हाॅस्पिटल बनाया जा रहा है. इस पर लगभग 143 कराेड़ रुपये खर्च हाेने का अनुमान है और मनपा ‘वैलिडेट गैप फंड’ के ताैर पर 60 कराेड़ रुपये देगी. बाकी खर्च प्राइवेट पार्टनर उठाएगा और अस्पताल काे 30 साल तक ‘डिज़ाइन-बिल्ड-फाइनेंसऑपरेट-एंड-ट्रांसफर (डीबीएफओटी) के आधार पर एक प्राइवेट संस्था चलाएगी.
 
अस्पताल से राहत मनपा के पास अपने सुपर-स्पेशलिस्ट, रेजिडेंट डाॅक्टर और ज़रूरी ढांचा माैजूद है. वाईसीएम अस्पताल में वर्ष2013 से अलग-अलग विषयाें में पाेस्टग्रेजुएट काेर्स सफलतापूर्वक चलाए जा रहे हैं.ऐसे में कुछ अधिकारियाें और जनप्रतिनिधियाें ने राय दी है कि अगर मनपा खुद इस अस्पताल काे चलाए ताे मरीज़ाें का भराेसा बढ़ेगा और प्राइवेट संस्था के मुनाफे से बचा जा सकता है.अगर मनपा खुद अस्पताल चलाए ताे अलग-अलग याेजनाओं का पैसा भी सीधे मनपा के खजाने में जमा किया जा सकता है. थेरगांव में मनपा 35 गुंठा ज़मीन पर 11 मंज़िला अत्याधुनिक कैंसर हाॅस्पिटल बना रही है और यह ज़मीन अब आधिकारिक ताैर पर चिकित्सा विभाग काे हस्तांतरित कर दी गई है. इस 100 बेड वाले हाॅस्पिटलके लिए काॅन्ट्रैक्टर दिसंबर 2025 तक तय हाे जाएगा और मकसद अगले दाे वर्षाें में असल स्वास्थ्य सेवाएं शुरू करना है.इस प्राेजेक्ट से सभी तरह के कैंसर का इलाज एक ही छत के नीचे मिल पाएगा और यह हाॅस्पिटल शहर और आस-पास के इलाकाें के मरीज़ाें के लिए एक बड़ी राहत हाेगा.