पुणे पुलिस के ट्रैफिक विभाग में वार्डन के रूप में काम कर चुके एक युवक द्वारा अपराध की दुनिया में कदम रखने का सनसनीखेज मामला सामने आया है.आराेपी ने पहले ट्रैफिक विभाग द्वारा जब्त की गई एक स्कूटी चुराई और फिर उसी गाड़ी का इस्तेमाल कर वाकड़ इलाके में चेन स्नैचिंग की वारदाताें काे अंजाम दिया.वाकड़ पुलिस ने जाल बिछाकर इस शातिर पूर्व वार्डन काे गिरफ्तार कर लिया है.पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आराेपी की पहचान सचिन मानसिंह चव्हाण (उम्र-27 वर्ष, निवासी- माण, हिंजवड़ी) के रूप में हुई है. यह घटना 8 अप्रैल की सुबह करीब 6:45 बजे की है, जब थेरगांव के गणेश मंदिर परिसर में माॅर्निंग वाॅक कर रही एक महिला के गले से आराेपी ने साेने का मिनी गंठण छीन लिया और फरार हाे गया. वाकड़ पुलिस की टीम ने घटनास्थल और आसपास के करीब 100 से 150 सीसीटीवी कैमराें की फुटेज खंगाली, जिससे आराेपी के भागने का रास्ता साफ हागया और पुलिस उसे पकड़ने में कामयाब रही.
जांच में जाे खुलासा हुआ उसने पुलिस काे भी हैरान कर दिया. सचिन चव्हाण पहले चतुःश्रृंगी ट्रैफिक विभाग में वार्डन था, लेकिन खराब बर्ताव के कारण उसे 5 महीने पहले नाैकरी से निकाल दिया गया था.इसके बाद उसने मार्च 2026 में ट्रैफिक विभाग के पास जब्त खड़ी गाड़ियाें में से एक हाेंडा एक्टिवा चाेरी की. इसी चाेरी की स्कूटी का उपयाेग वह चेन स्नैचिंग के लिए कर रहा था. पुलिस पूछताछ में सचिन ने वाकड़ क्षेत्र में चेन स्नैचिंग की 2 आचतुःश्रृंगी क्षेत्र में वाहन चाेरी की 1 वारदात कबूल की है. पुलिस ने उसके पास से 23 ग्राम साेने के आभूषण, एक हाेंडा यूनिकाॅर्न बाइक और एक हाेंडा एक्टिवा, लगभग 4 लाख 75 हजार रुपये का मुद्देमाल जब्त किया है.यह कार्रवाई अपर पुलिस आयुक्त सारंग आवाड़, डीसीपी विशाल गायकवाड़ और एसीपी सुनील कुराड़े के मार्गदर्शन में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अशाेक कडलग, निरीक्षक किशाेर पाटिल और उनकी टीम द्वारा की गई.