जहां उम्मीद थी कि गर्मी के माैसम में तरबूज की भारी डिमांड हाेगी, वहीं इस वर्ष मार्केट में उलटी तस्वीर देखने काे मिल रही है. अभी एक महीने पहले 22 से 25 रुपये प्रति किलाे बिकने वाले तरबूज इस समय सिर्फ 5 से 10 रुपये प्रति किलाे बिक रहे हैं. जिससे किसानाें की आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई है. बेमाैसम बारिश की वजह से माैसम में आया बदलाव तरबूज की बिक्री के लिए बहुत बुरा रहा है.इस वर्ष माैसम अच्छा रहने की वजह से तरबूज की पैदावार खूब हुई है. हालांकि उम्मीद के मुताबिक मांग न हाेने की वजह से मार्केट में सप्लाई बढ़ गई है और कीमतें गिर गई हैं. लाेकल मार्केट के साथ-साथ कृषि उत्पन्न बाजार समितियाें में भी बड़ी मात्रा में तरबूज आ रहे हैं, जिससे कीमत पर और दबाव पड़ा है. नतीजतन कई किसानाें काे अपनी लागत भी नहीं मिल पाई है. तरबूज की खेती में ‘सुपर शुगर’, ‘अरका ज्याेति’, ‘किरण’, ‘शुगर बेबी’ और ‘ऑगस्टा सिम्बा’ जैसी कई किस्में शामिल हैं बाज़ार में इनकी मिठास, साइज़ और स्टाेरेज क्षमता के आधार पर इनकी कीमत तय हाेती है.