मेरठ की सेंट्रल मार्केट की सीलिंग काे लेकर बुधवार काे दूसरे दिन भी व्यापारियाें ने प्रदर्शन किया. दुकानाें की सीलिंग का भारी विराेध किया गया. इस बीच दुकानदाराें व अधिकारियाें के साथ तीखी नाेकझाेंक भी हुई. इस दाैरान एक व्यापारी काे हार्ट अटैक भी आया. इसके अलावा कई काराेबारी भूख हड़ताल पर भी बैठे हैं. व्यापारियाें ने एक सुर में कहा-राज्य सरकार ने हमारे साथ धाेखा किया है. 70 कराेड़ वसूलने के बाद भी हमें बेदखल किया जा रहा है.व्यापारियाें ने कहा- अधिकारियाें ने लाखाें रुपए लेकर भी हमें धाेखा दिया.दुकानाें काे सील हाेता देखकर महिलाएं फूट-फूट कर राेने लगीं. आदेश मंगलवार शाम काराेबारियाें काे लिखित रूप में मिला. बुधवार सुबह आवास विकास परिषद की 7 टीमाें ने सुधा हाॅस्पिटल से सीलिंग की कार्रवाई शुरू कर दी. सुप्रीम काेर्ट ने साेमवार (6 अप्रैल) काे मेरठ के पूर्व कमिश्नर हृषिकेश भास्कर यशाेद और आवास विकास के चेयरमैन पी. गुरुप्रसाद काे तलब किया था. दाेनाें काे जमकर फटकार लगाई थी. काेर्ट ने पूर्व कमिश्नर से पूछा- किस आधार पर आपने ध्वस्तीकरण काे राेकने का आदेश दिया. पूर्व कमिश्नर की तरफ से बताया गया कि काेर्ट के आदेश की तामील यानी दुकान 661/6 के ध्वस्तीकरण के बाद काराेबारियाें की बैठक बुलाई थी.बैठक के कुछ मिनट्स तैयार किए गए थे. ये सुझाव थे, आदेश नहीं.