मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की तैयारी कर रही है. मंगलवार काे कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री डाॅ. माेहन यादव ने मंत्रियाें से कहा कि यूसीसी का अध्ययन करें, इसे राज्य में लागू करना है.इस संकेत के बाद गृह विभाग में प्रक्रिया तेज हाे गई है, क्याेंकि यूसीसी बिल तैयार करने की जिम्मेदारी इसी विभाग की है.सूत्राें के अनुसार, जल्द ही राज्य स्तर पर एक उच्चस्तरीय कमेटी बनाई जाएगी. इसी साल दिवाली से पहले प्रदेश में यूसीसी लागू किया जा सकता है.समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट तैयार करने से पहले गाेवा और उत्तराखंड में कुछ समय पहले लागू किए गए यूसीसी का अध्ययन किया जा रहा है. जिससे मध्य प्रदेश के लिए व्यावहारिक और संतुलित माॅडल तैयार किया जा सके. ड्राफ्ट तैयार हाेते ही इसे कैबिनेट में पेश किया जाएगा.
सरकार इसे राजनीतिक और सामाजिक दृष्टिसे संवेदनशील मानते हुए सही समय पर कैबिनेट में लाने की रणनीति बना रही है.राज्य स्तरीय कमेटी बनने के बाद आगे की प्रक्रिया और ड्राफ्ट काे कैबिनेट में पेश करने की टाइमलाइन तय की जाएगी. जानकाराें का कहना है कि एमपी में अलग प्रकार की सामाजिक व्यवस्था है, इसमें आदिवासी समुदायाें की परंपराएं भी शामिल हैं. यही यूसीसी काे लागू कराने में बड़ी चुनाैती बन सकती हैं. 230 विधानसभा सीटाें वाले एमपी में 47 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं. ऐसे में सरकार हर वर्ग काे ध्यान में रखकर आगे बढ़ना चाहती है. देश में उत्तराखंड पहला राज्य है, जहां यूसीसी लागू किया गया. उत्तराखंड में फरवरी 2024 में बिल पास हुआ और 27 जनवरी 2025 से कानून लागू हुआ.