मिडिल-ईस्ट में जारी तनाव, कच्चे तेल के संकट, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के तेवर और प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी की ओर से देश के लाेगाें से की गई मितव्ययिता की अपील के बाद घरेलू शेयर बाजार की भावनाएं लगातार दूसरे दिन भी बुरी तरह प्रभावित हुई. सेंसेक्स मंगलवार काे 1,456.04 अंक गिरकर 74,559.24 पर बंद हुआ ताे निफ्टी 436.30 अंक गिरकर 23,379.55 पर आ गया. इस तरह बीते दाे दिनाें में निवेशकाें के 12 लाख कराेड़ रुपये डूब गए. इसकी एक वजह जबर्दस्त बिकवाली भी रही.साेमवार के बाद मंगलवार काे सेंसेक्स और निफ्टी लगभग 2% तक लुढ़क गए.रुपये के अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंचने, तेल की चढ़ती कीमताें और विदेशी निवेशकाें की बेरुखी से बाजार काे बड़ा नुकसान झेलना पड़ा.
सेंसेक्स 1,456 अंक से अधिक गिरकर 74,559 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 436 अंक से अधिक गिरकर 23,379 पर बंद हुआ. बाजार में उतार-चढ़ाव मापने वाला सूचकांक इंडिया वीआईएक्स 4% बढ़कर 19.26 हाे गया.इस गिरावट में सबसे बड़ा झटका आईटी सेक्टर काे लगा. निफ्टी आईटी इंडेक्स 3.3 फीसदी टूट गया. टीसीएस, इन्फाेसिस, एचसीएल टेक और विप्राे के शेयर 2.5 से 4 फीसदी तक नीचे आ गए. इसकी बड़ी वजह अमेरिका में आने वाला महंगाई यानी इन्फ्लेशन डेटा था. निवेशक इस डेटा से पहले जाेखिम उठाने के मूड में नहीं थे और उन्हाेंने आईटी शेयराें में बिकवालीकी. अमेरिकी बाजार से जुड़े हाेने के कारण भारतीय आईटी कंपनियां इस दबाव में सीधे आ जाती हैं.
वहीं ऑटाे, फाइनेंशियल सर्विसेज, एफएमसीजी, मीडिया, फार्मा, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक सेक्टर में 2.5 प्रतिशत तक की गिरावट आई है. इससे पहले शेयर बाजार में साेमवार काे गिरावट रही थी. सेंसेक्स 1,313 अंक की गिरावट के साथ 76,015 पर बंद हुआ.
वैश्विक बाजाराें का रुख : एशियाई बाजाराें में मिला-जुला रुख देखने काे मला. दक्षिण काेरिया का काेस्पी और शंघाई का कंपाेजिट इंडेक्स गिरावट के साथ लाल निशान में काराेबार कर रहे थे. इसके विपरीत, जापान का न्निकेई 225 और हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स बढ़त में रहे.अमेरिकी बाजार साेमवार काे सकारात्मक दायरे में बंद हुए थे. विशेषज्ञाें का मानना है कि जब तक मिडिल-ईस्ट में संघर्ष खत्म हाेने की काेई स्पष्ट तस्वीर सामने नहीं आती, तब तक निवेशकाें के मन में अनिश्चितता बनी रहेगी.