आध्यात्मिक गुरू श्री श्री रवि शंकर के 70वें साल में प्रवेश करने और आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा वैश्विक सेवा, मानवीय कार्याें और आध्यात्मिक नेतृत्व के 45 साल पूरे हाेने पर बेंगलुरु स्थित आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर में कार्यक्रम आयाेजित किया गया. इस दाैरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बेंगलुरु स्थित अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर से भेंट की.कार्यक्रम काे संबाेधित करते हुए सीएम देवेंद्र फडणवीस ने श्री श्री रविशंकर काे पूरे विश्व के लिए भारत का सबसे बड़ा आध्यात्मिक राजदूत बताया. उन्हाेंने कहा कि विश्वगुरु के रूप में भारत की हमारी परिकल्पना केवल आर्थिक या सैन्य शक्ति पर आधारित नहीं है, बल्कि आध्यात्मिक शक्ति पर आधारित है. और उस आध्यात्मिक महाशक्ति बनने का मार्ग गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर द्वारा बताया गया है. देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि उन्हाेंने हमारे आध्यात्मिक विचार, हमारे सार्वभाैमिक ज्ञान और हमारी संपूर्ण बुद्धि काे विश्व के सामने प्रस्तुत किया है और दुनिया का ध्यान हमारी ओर आकर्षित करने के लिए काम किया ै.
उन्हाेंने कहा कि महाराष्ट्र में आर्ट ऑफ लिविंग ने जल संरक्षण के क्षेत्र में जिस तरह से काम किया है, उससे लाेगाें का जीवन बदल गया है. प्राकृतिक खेती के माध्यम से, निराशा में डूबे किसान गुरुदेव से प्रेरित हुए और अपने जीवन काे बदलने के लिए सशक्त हुए. उन्हाेंने संकटाें और आपदाओं के दाैरान संगठन की मानवीय उपस्थिति काे स्वीकार करते हुए कहा, जहां भी काेई विपत्ति आती है, जहां भी काेई आपदा हाेती है, आर्ट ऑफ लिविंग वहां माैजूद हाेता है. गुरुदेव के संदेश काे आगे बढ़ाते हुए, हजाराें स्वयंसेवक वहां अनुशासन के साथ काम करते हैं.कार्यक्रम के दाैरान यहां माैजूद हस्तियाें ने ध्यान मंदिर में गुरुदेव के साथ एक विशेष सत्संग और ध्यान में भाग लिया, जिसका इस महीने की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी ने उद्घाटन किया था.इस हफ्ते के शुरुआत में, 182 देशाें के कराेड़ाें लाेगाें ने विश्वव्यापी शांति के लिए गुरुदेव के साथ ध्यान करने के कार्यक्रम में ऑनलाइन और व्यक्तिगत रूप से भाग लिया यह विश्व के सबसे बड़े सामूहिक ध्यान सम्मेलनाें में से एक था.