राष्ट्रीय सहकारी चीनी महासंघ के अध्यक्ष हर्षवर्धन पाटिल ने कहा कि, देश का चीनी उद्याेग संकट में है और वे केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह से चीनी और एथेनाॅल की कीमतें बढ़ाने, चीनी उद्याेग के लिए 50 प्रतिशत एथेनाॅल काेटा उपलब्ध कराने और चीनी निर्यात पर लगे प्रतिबंध काे तुरंत हटाने की मांग करेंगे.उन्हाेंने बताया कि, केंद्र सरकार ने नए गन्ना (नियंत्रण) आदेश 2026 भेजा है और महासंघ अगले दाे दिनाें में निर्देश जारी करेगा.महासंघ ने इस आदेश पर विचार करने के लिए शनिवार (16 मई) काे पुणे में देश की चुनिंदा फैक्ट्रियाें के अध्यक्षाें और निदेशकाें की बैठक आयाेजित की. बैठक में दिलीप वलसे पाटिल, जयप्रकाश दांडेगांवकर, राजेश टाेपे, बालासाहेब पाटिल, पृथ्वीराज जाचक के साथ-साथ महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात और उत्तर प्रदेश की लगभग 60 फैक्ट्रियाें कप्रतिनिधि उपस्थित थे.
पाटिल ने बाद में एक प्रेस काॅन्फ्रेंस में यह जानकारी दी. इस अवसर पर प्रबंध निदेशक प्रकाश नाइकनवरे भी उपस्थित थे.नीति निर्धारण हेतु समिति के गठन की मांग पाटिल ने यह भी मांग की कि, राष्ट्रीय स्तर पर एक समिति का गठन किया जाए. चीनी उद्याेग से संबंधित नीतिगत निर्णय उनसे विचार-विमर्श के बाद ही लिए जाएं. केंद्र सरकार द्वारा चीनी निर्यात पर अचानक प्रतिबंध लगाने के कारण देश का चीनी उद्याेग संकट में है. निर्यात के लिए अनुबंध कर चुकी फैक्ट्रियाें काे भारी वित्तीय कठिनाइयाें का सामना करना पड़ रहा है. बंदरगाहाें के लिए रवाना हाे चुके कंटेनराें और अग्रिम भुगतान स्वीकार किए गए निर्यात लेन-देन के कारण उद्याेग संकट में है.
केंद्र सरकार ने दाे लाख टन चीनी के निर्यात की अनुमति दी थी. इसमें से लगभग साढ़े नाै लाख टन चीनी का निर्यात हाे चुका है. कई कारखानाें ने निर्यात े लिए समझाैते किए हैं और निर्यातकाें ने अग्रिम राशि भी जमा कर दी है. ऐसे में अचानक लगाए प्रतिबंध से कानूनी और वित्तीय जटिलताएं पैदा हाे गई हैं. केंद्र सरकार इस फैसले पर पुनर्विचार करे. निर्यात प्रतिबंध काे तुरंत वापस लेना चाहिए. अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारत की साख बनाए रखने हेतु निर्यात नीति में निरंतरता आवश्यक है. दुबई में हुए सम्मेलन में विदेशी खरीदाराें ने भारतीय नीतियाें पर अपनी नाराजगी व्यक्त की थी.275 लाख टन चीनी का उत्पादन 2025-26 के गन्ना पेराई सत्र में देश की 541 चीनी फैक्ट्रियाें ने 2872 लाख टन गन्ने की पेराई की. अब तक 274.65 लाख मीट्रिक टन चीनी का उत्पादन हाे चुका है. यह पिछले वर्ष की तुलना में 1.8 लाख टन अधिक है. पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष देश की औसत चीनी रिकवरी 9.30 प्रतिशत से बढ़कर 9.56 प्रतिशत हाे गई है.