प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) जस्टिस सूर्यकांत ने साेमवार काे कहा कि उन्हाेंने मिडिल-ईस्ट संकट के मद्देनजर अनावश्यक खर्च में कटाैती करने के लिए सभी उच्च न्यायालयाें के मुख्य न्यायाधीशाें से फिलहाल साेमवार और शुक्रवार काे डिजिटल माध्यम से (वर्चुअल) सुनवाई करने का आग्रह किया है.सुप्रीम काेर्ट ने साेमवार और शुक्रवार काे केवल वीडियाे काॅन्फ्रेंस के माध्यम से मामलाें की सुनवाई करने का निर्णय पहले ही लिया है. न्यायाधीशाें ने ईंधन के इष्टतम उपयाेग काे सुनिश्चित करने के लए एक-दूसरे के वाहन से न्यायालय आने-जाने की व्यवस्था काे प्राेत्साहित करने का सर्वसम्मति से संकल्प लिया.
ईंधन संकट के कारण अनावश्यक खर्चाें में कटाैती करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी के आह्वान के बाद यहकदम उठाया गया. साेमवार काे वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल राेहतगी ने एक मामले की सुनवाई के दाैरान प्रधान न्यायाधीश के इस निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि प्राैद्याेगिकी का एकीकरण हुआ है और ऑनलाइन सुनवाई के दाैरान न्यायाधीशाें ने अतिरिक्त धैर्य दिखाया.राेहतगी ने कहा कि मैं ऑनलाइन सुनवाई के लिए प्रधान न्यायाधीश की सराहना करता हूं, क्याेंकि आज सभी अदालताें में यह सुचारू रूप से संपन्न हुई. साॅलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी इससे सहमति जताते हुए कहा, मैं अपने विद्वान मित्र की इन बाताें से सहमत हूं.