मनपा के 118 स्कूल बिना मुख्याध्यापक चल रहे

    20-May-2026
Total Views |
 

manapa 
 
पुणे महानगरपालिका द्वारा संचालित प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयाें में प्रशासनिक लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है. मनपा की कुल 118 शालाओं में मुख्याध्यापकाें के पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं. शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्य नियमावली, सेवा वरिष्ठता सूची (सीनियरिटी लिस्ट) में सुधार और लगातार हाे रहे रिटायरमेंट के कारण यह पदाेन्नति प्रक्रिया अटकी हुई है. पूर्व नगरसेविका काेमल सारंग-नवले द्वारा इस विषय पर पूछे गए एक सवाल के लिखित जवाब में मनपा प्रशासन ने यह जानकारी साझा की है.माध्यमाें के अनुसार रिक्त पदाें का विवरण महानगरपालिका के प्राथमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत विभिन्न माध्यमाें के स्कूलाें में कुल 116 पद रिक्त हैं. इसमें मराठी माध्यम के 98 पद रिक्त, उर्दू माध्यम के 11 पद रिक्त है. इसी तरह अंग्रेजी माध्यम के 7 पद रिक्त हैं. जबकि, कन्नड़ माध्यम की शालाओं में काेई भी पद रिक्त नहीं है.
 
इसके अलावा, माध्यमिक एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के तहत विश्रांतवाड़ी स्थित डाॅ. नानासाहेब परुलेकर विद्यालय (31 अगस्त 2025 से रिक्त) और श्रीमती सावित्रीबाई फुले प्रशाला एवं उच्च माध्यमिक विद्यालय (31 अक्टूबर 2025 से रिक्त) इन दाे बड़े स्कूलाें में भी मुख्याध्यापक का पद खाली है.क्याें अटकी है पदाेन्नति प्रक्रिया? मनपा प्रशासन के अनुसार, इस देरी के पीछे सर्वाेच्च न्यायालय का एक आदेश और तकनीकी कारण हैं. सुप्रीम काेर्ट के सिविल अपील क्रमांक 1385/2025 में 1 सितंबर 2025 काे दिए गए आदेश के अनुसार, मुख्याध्यापक पद पर पदाेन्नति के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण हाेना अनिवार्य कर दिया गया है. इस आदेश के बाद राज्यके स्कूल शिक्षा व खेल विभाग ने 19 फरवरी 2026 काे नई नियमावली घाेषित की, जिसके कारण पूरी प्रक्रिया देर से शुरू हुई. प्राथमिक शिक्षा विभाग में शैक्षणिक वर्ष 2024-25 की संचमान्यता के अनुसार 56 पद और वर्ष 2025-26 के अनुसार 42 पद रिक्त हुए हैं.