‘हादसा नहीं बल्कि प्रशासन द्वारा की गई हत्या

    01-Jun-2026
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crime 
’जहरीली शराब से मरने वाले ज़्यादातर युवा 30 साल से कम उम्र के दिहाड़ी मज़दूर थे. यह सिर्फ एक हादसा नहीं है, बल्कि ये गैर-कानूनी हाथभठ्ठी चलाने वालाें और प्रशासनिक व्यवस्था द्वारा की गई हत्याएं हैं, जिसने आंखें मूंद लीं.प्रशासनिक व्यवस्था की ढिलाई इसकी वजह है, केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने अपना गुस्सा ज़ाहिर करते हुए कहा. फुगेवाड़ी और दापाेड़ी में ज़हरीली शराब से हुए हादसाें में मारे गए युवाओं काे श्रद्धांजलि देते हुए, उन्हाेंने रविवार (31 मई) काे पीड़िताें के परिवाराें से मिलकर संवेदना व्यक्त की.आठवले ने फुगेवाड़ी में ज़हरीली शराब हादसे में मारे गए नागरिकाें के परिवाराें से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी.इस माैके पर बाेलते हुए उन्हाेंने गैरकानूनी शराब के धंधे के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए सख्त कार्रवाई की मांगकी.
 
ज़हरीली शराब के शिकार लाेगाें के परिवाराें के प्रति गहरा दुख जताते हुए, आठवले ने राज्य सरकार से मांग करते हुए उन्हाेंने कहा, जिन परिवाराें के कमाने वाले की इस हादसे में माैत हुई है, उनके जीवन यापन का मुद्दा गंभीर हाे गया है. इसलिए राज्य सरकार काे ऐसे मृतकाें के रिश्तेदाराें काे तुरंत काॅन्ट्रैक्ट के आधार पर नाैकरी देनी चाहिए और फिर नियमित प्रक्रिया के अनुसार आगे के फैसले लेने चाहिए.आरपीआई कार्यकर्ताओं काे गैर-कानूनी धंधाें के खिलाफ संबधित विभाग काे जानकारी देने का निर्देश इस बारे में आठवले ने पूरे महाराष्ट्र में आरपीआई कार्यकर्ताओं काे सख्त आदेश जारी किए हैं. उन्हाेंने कहा- राज्य में जहां भी ऐसे गैरकानूनी धंधे चल रहे हैं, कार्यकर्ता तुरंत संबंधित पुलिस और आबकारी विभाग काे बताएं. उन्हें प्रशासन पर दबाव डालना चाहिए और ऐसे धंधाें के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए.