राज्य में महायुति काे सत्ता में लाने में मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण याेजना का अहम राेल था. लाेकसभा चुनाव में महायुति काे झटका लगने के बाद, जुलाई 2024 से मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण याेजना शुरू की गई. इस याेजना का फायदा पात्र महिलाओं तक पहुंचाने के लिए ई-केवाईसी प्राेसेस शुरू की गयी थी, और कुछ महिलाओं से ई- केवाईसी ऑप्शन चुनते समय गलती हाेने पर डेडलाइन 30 अप्रैल तक बढ़ा दी गई थी. ई-केवाईसी में बदलाव की डेडलाइन खत्म हाेने के बाद कितनी महिलाएं अपात्र हाे गईं, इसके आंकड़े सामने आए हैं.मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण याेजना के लिए 80 लाख महिलाएं अपात्र हाे गहैं और उनके फायदे बंद कर दिए गए हैं.
मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण याेजना महिला और बाल विकास विभाग चलाता है. जब यह स्कीम शुरू हुई थी, तब बेनिफिशियरी की संख्या 2 कराेड़ 46 लाख थी. लेकिन, 80 लाख बेनिफिशियरी महिलाओं के अपात्र पाए जाने के बाद यह संख्या घटकर 1 कराेड़ 66 लाख हाे गई है.लाडकी बहीण याेजना की शर्तें तय करते समय यह तय किया गया था कि संबंधित महिला के परिवार की इन्कम 2.5 लाख रुपये से कम हाेनी चाहिए. इसके अलावा, कुछ और शर्तें भी थीं. इस स्कीम का फायदा पात्र महिलाओं तक पहुंचे, इसके लिए ई-केवाईसी कैंपेन चलायी गयी थी. 30 अप्रैल तक ई-केवाईसी करेक्शन का माैका दिया गया था. इस डेडलाइन के बाद लाडकी बहीण याेजना के आंकड़े सामने आए हैं. लगभग 1 कराेड़ 66 लाख महिलाएं पात्र हाे गई हैं. जबकि, 80 लाख महिलाएं अपात्र हुई हैं और यह भी सामने आया है कि कुछ महिलाओं ने ई-केवाईसी प्राेसेस पूरी नहीं की है.