शहर काे जलापूर्ति करने वाले मावल स्थित पवना बांध का जलस्तर तेजी से कम हाे रहा है. अत्यधिक गर्मी के कारण बड़े पैमाने पर पानी का वाष्पीकरण हाे रहा है. परिणामस्वरूप बांध का तल पानी के बिना खुला दिखने लगा है. इसके चलते बांध के भीतर के टीले, पत्थर, मिट्टी और गाद दिखाई दे रहे हैं. बांध के शाखा अभियंता रजनीश बारिया ने बताया कि बांध में अब केवल 23% स्टाॅक ही बचा है. इस बीच यदि मानसून में देरी हाेती है, ताे जल संसाधन विभाग द्वारा अगले सप्ताह पानी की स्थिति की समीक्षा की जाएगी.
जलापूर्ति की वर्तमान स्थिति और प्रक्रिया पवना बांध पर निर्भरता : पिंपरी-चिंचवड़ शहर सहित मनपा, ग्राम पंचायत और एमआईडीसी काे साल भर पवना बांध से पानी दिया जाता है.जल संचयन और शुद्धिकरण : मनपा पवना बांध से छाेड़े गए पानी काे पवना नदी पर स्थित रावेत चेक डैम से अशुद्ध जल निकासी केंद्र में उठाती है.प्रतिदिन 550 एमएलडी अशुद्ध पानी निकालकर उसे प्राधिकरण, निगड़ी स्थित सेक्टर नंबर-23 के जल शुद्धिकरण केंद्र में भेजा जाता है.