मनपा द्वारा शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए 32 कराेड़ 75 लाख रुपयाें की लागत से स्थापित की गई हवा शुद्धिकरण प्रणाली (एयर प्यूरीफिकेशन सिस्टम) वर्तमान में कई जगहाें पर बंद हाेने की चाैंकाने वाली वास्तविकता सामने आई है.
नागरिकाें काे शुद्ध हवा देने के लिए लगाई गई यह प्रणाली कई चाैराहाें पर धूल खा रही है, जिससे प्रदूषण नियंत्रण काे लेकर मनपा का दावा खाेखला साबित हुआ है.राष्ट्रीय स्वच्छ हवा कार्यक्रम (एनकैप) के अंतर्गत शहर में 32 कराेड़ 75 लाख रुपये की विभिन्न परियाेजनाएं चलाई गईं. इनमें 9 एयर प्यूरीफिकेशन सिस्टम, 21 ड्राई मिस्ट बेस्ड फाउंटेन, 8 स्टेशनरी फाॅग कैनन, 8 राेड वाॅशर और 8 मूवेबल फाॅग कैनन शामिल हैं. इसमें से 2.16 कराेड़ रुपयाें की 9 ‘एयर बिन’ प्रणालियां कई जगहाें पर बंद हैं. ये ‘एयर बिन’ प्रणालियां आकुर्डी चाैक, चिंचवड़ स्टेशन चाैक, पिंपरी में डाॅ. बाबासाहेब आंबेडकर चाैक, नासिक फाटा,कस्पटे चाैक, भाेसरी गांव, भूमकर चाैक नंबर-1 व 2 और साथ ही पिंपरी के शगुन चाैक पर स्थापित की गई हैं. मनपा की जानकारी के अनुसार ये प्रणालियां 50 मीटर के दायरे की प्रदूषित हवा काे खींचकर 9 चरणाें में छानने की प्रक्रिया करती हैं. यह हवा में से पीएम2.5, पीएम 10, कार्बन माेनाेऑक्साइड और सल्फर डाइऑक्साइड जैसे हानिकारक प्रदूषकाें की मात्रा काे कम कर शुद्ध हवा छाेड़ती हैं.