देश के युवा सच उजागर करने का साहस रखते हैं. यह प्रतिपादन राहुल गांधी ने किया. वे साेशल मीडिया ए्नस पर दाेनाें युवकाें के तारीफ करते हुए सरकार पर निशाना साधा. उन्हाेंने कहा-माेदी सिर्फ बड़ी-बड़ी बाते करते हैं और काम उनका कुछ भी नहीं हाेता. नीट पेपर लीक करने वाले व सीबीएसई और काेएम्प्ट के गठजाेड़ का भंडाफाेड़ करने वाले दाेनाें युवकाें की तारीफ करते हुए राहुल गांधी ने कहा- इन दाेनाें छात्राें ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बाेर्ड (सीबीएसई) और परीक्षा का काम देखने वाली कंपनी काेएम्प्ट (सीओईएमपीटी) के बीच चल रहे कथित खेल काे सबके सामने ला दिया है.राहुल गांधी ने इसे देश के युवाओं की बड़ी जीत और सरकार की करारी हार बताया है. सार्थक ने सीबीएसई कक्षा12 की काॅपियां जांचने वाले डिजिटल सिस्टम (ऑन-स्क्रीन मार्किंग) में हाे रही बड़ी गड़बड़ियाें काे पकड़ा था.
उन्हाेंने उन कमियाें काे उजागर किया, जिन्हें देश के बड़े-बड़े टीवी चैनल, अखबार और खाेजी पत्रकार भी नहीं देख पाए थे. इस खुलासे के बाद कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर भी निशाना साधा है.कांग्रेस का कहना है कि इतनी बड़ी गड़बड़ी के बाद भी शिक्षा मंत्री का पद पर बने रहना सिर्फ कुर्सी का माेह दिखाता है. झारखंड के रांची निवासी सार्थक सिद्धांत काे भी मंगलवार काे संसद भवन में संसदीय समिति के समक्ष अपने निष्कर्ष प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया गया था. 17 वर्षीय सार्थक ने इस वर्ष सीबीएसई की 12वीं कक्षा की बाेर्ड परीक्षा दी थी और वह बाेर्ड द्वारा शुरू की गई नई अंकन प्रणाली से प्रभावित लाखाें छात्राें में से एक हनई मूल्यांकन प्रक्रिया काे लेकर चिंताएं सामने आने के बाद, सार्थक ने पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के तहत अपनी उत्तर पुस्तिका की स्कैन की हुई प्रति के लिए आवेदन किया. दस्तावेज़ की समीक्षा करने पर, कथित ताैर पर उन्हें प्रणाली पर संदेह हुआ और उन्हाेंने ओएसएम परियाेजना से संबंधित सीबीएसई के निविदा रिकाॅर्ड की स्वतंत्र रूप से जांच शुरू कर दी.