नई दिल्ली, 24 जुलाई (वार्ता/वि.प्र.) शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे काे लेकर संसद में चाैथे दिन भी हंगामा जारी रहा. विपक्ष ने शिक्षा मंत्री काे बचाने तथा निर्दाेष छात्राें काे पिटवाने का आराेप लगाया. स्पीकर के बार-बार अनुराेध के बाद भी हंगामा जारी रहा. शाेर-शराबे के बीच वंदे मातरम बिल राज्यसभा में पेश हुआ. चाैथे दिन भी प्रश्न काल नहीं चल सका. दाेनाें सदनाें की कार्यवाही 27 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दी गयी.
संसद का मानसून सत्र अब तक नीट पेपर लीक मामले काे लेकर हंगामे की भेंट चढ़ा हुआ है और शुक्रवार काे भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच गतिराेध बना हुआ था.हालांकि इसी बीच राज्यसभा में वंदे मातरम् बिल पेश कर दिया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी ने देर रात एक वीडियाे संदेश जारी कर कहा कि सरकार पेपर लीक की समस्या काे बेहद गंभीरता से ले रही है. उन्हाेंने कहा कि केवल पेपर लीक से जुड़े मामलाें के लिए एक अलग और बेहद सख्त कानून का मसाैदा तैयार किया गया है, जिसे कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा. कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद सरकार अगले सप्ताह इसे संसद से पारित कराने का प्रयास करेगी.
सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालाें और 20 जुलाई काे संसद मार्च में शामिल लाेगाें के खिलाफ काेई मामला दर्ज नहीं किया जाएगा. साथ ही संसद में पेपर लीक और परीक्षा सुधाराें पर चर्चा कराने तथा पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वाले छात्राें के परिवाराें काे मुआवजा देने के प्रस्ताव पर भी सकारात्मक विचार किया जा रहा है.
प्रधानमंत्री के वीडियाे संदेश के बाद गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता साेनम वांगचुक ने 26 दिनाें से चला आ रहा अपना अनशन समाप्त कर दिया.
वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री के वीडियाे संदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए साेशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि प्रधानमंत्री काे संसद में आकर बयान देना चाहिए. उन्हाेंने आराेप लगाया कि प्रधानमंत्री ने देर रात एकतरफा तरीके से अपनी बात रखी.
खड़गे ने मांग की कि प्रधानमंत्री संसद आने से पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान काे बर्खास्त करें और छात्राें से माफी मांगें. उन्हाेंने कहा कि कांग्रेस शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक के मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है.