ई-20 पेट्राेल पर 3 बड़े आंदाेलन की घाेषणा से केंद्र चिंतित

दिल्ली फिर बनेगी आंदाेलन का अखाड़ा : 31 जुलाई काे इंडिया गेट से पार्लियामेंट स्ट्रीट तक ‘गाड़ी मार्च’ निकलेगा

    29-Jul-2026
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नई दिल्ली, 28 जुलाई (वि.प्र.) ई-20 पेट्राेल पर 3 बड़े आंदाेलन की घाेषणा से केंद्र कि चिंता बढ़ी है. पूरे देश में नाराजगी है. राजधानी दिल्ली बनेगी आंदाेलन का आखाड़ा. 31 जुलाई काे इंडिया गेट से पार्लिमेंट स्ट्रीट तक ‘गाड़ी मार्च’ निकलेगा.
 
केजरीवाल 1 अगस्त काे राजधानी में आंदाेलन करेंगे : 4 अगस्त काे गाड़ी मालिक, ट्रांसपाेर्ट व यूनियनाें द्वारा ‘संसद मार्च’ का ऐलान कभी पेट्राेल की कीमत काे लेकर लड़ाई हाेती थी. अब लड़ाई पेट्राेल के अंदर क्या मिला है, उस पर हाे रही है. सरकार कह रही है कि ई-20 फ्यूचर है. आलाेचक कह रहे हैं कि पहले हमें विकल्प ताे दीजिए.
 
नेता मैदान में हैं, यूनियन सड़क पर उतरने की तैयारी में हैं, साेशल मीडिया पर हैशटैग दाैड़ रहे हैं और आम वाहन मालिक साेच रहा है कि आखिर उसकी गाड़ी पर फैसला काैन करेगा.
 
ई-20 काे लेकर बहस अब पेट्राेल पंप, सड़क और साेशल मीडिया से आगे बढ़कर पार्लियामेंट तक पहुंचने जा रही है. दिल्ली इसका केंद्र बनेगा. राजधानी में 31 जुलाई से 4 अगस्त तक ई-20 काे लेकर एक के बाद एक कई बड़े आंदाेलनाें का ऐलान किया गया है. यानी मामला अब सिर्फ फ्यूल का नहीं रहा. यह ट्रस्ट, च्वाइस और पाॅलिसी के बीच छिड़ी ऐसी बहस बन गया है, जिसमें हर काेई अपनी-अपनी बाताें की टंकी लिए खड़ा दिखाई दे रहा है.
 
सामाजिक कार्यकर्ता और इंडस्ट्रलिस्ट तहसीन पूनावाला ने 31 जुलाई काे इंडिया गेट से पार्लियामेंट स्ट्रीट तक ‘गाड़ी मार्च’ निकालने का ऐलान किया है. उन्हाेंने अपने साेशल मीडिया पाेस्ट में दावा किया कि, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गड़करी ने अदालत में यह कहा है कि उनका इथेनाॅल पाॅलिसी से सीधा संबंध नहीं है. इसके साथ ही उन्हाेंने एक पुराने वीडियाे का जिक्र करते हुए कहा कि उसी वीडियाे में नितिन गड़करी पेट्राेल 15 रुपये प्रति लीटर मिलने की बात करते दिखाई देते हैं.पूनावाला ने इसी मुद्दे काे लेकर लाेगाें से गाड़ी मार्च में शामिल हाेने की अपील की है. दूसरी ओर दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी ई-20 के मुद्दे पर लाेगाें से एकजुट हाेने की अपील की है. उन्हाेंने कहा कि जिस तरह युवाओं की एकजुट आवाज से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान काे इस्तीफा देना पड़ा.