युवा उद्यमी केतन अग्रवाल हत्या मामले के मद्देनजर ‘राष्ट्रीय पुरुष आयाेग’ स्थापित करने की मांग एक बार फिर जाेर पकड़ने लगी है. राज्यसभा सदस्य और लवली प्राेफेशनल यूनिवर्सिटी के संस्थापक अशाेक कुमार मित्तल ने इस मामले का उल्लेख करते हुए यह रुख अपनाया है कि पुरुषाें काे भी संस्थागत सहायता, कानूनी संरक्षण और न्याय के लिए एक स्वतंत्र मंच मिलना चाहिए. अशाेक मित्तल ने साेशल मीडिया प्लेटफाॅर्म ‘एक्स’ पर राज्यसभा में दिसंबर 2025 में दिए गए अपने भाषण का एक वीडियाे साझा किया. उस भाषण में उन्हाेंने बताया कि उन्हाेंने ‘राष्ट्रीय महिला आयाेग’ की तर्ज पर ‘राष्ट्रीयपुरुष आयाेग’ स्थापित करने के लिए एक निजी विधेयक पेश किया था.पंजाब से राज्यसभा के लिए चुने गए अशाेक मित्तल पहले आम आदमी पार्टी से जुड़े थे. इस साल अप्रैल में, उन्हाेंने राघव चड्ढा के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सदस्याें के साथ भाजपा में शामिल हाेने का दावा किया था.
केतन अग्रवाल मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मित्तल ने कहा, पुणे का केतन अग्रवाल मामला बेहद चाैंकाने वाला है. केतन और उनके परिवार काे निष्पक्ष, गहन और बिना किसी भेदभाव के जांच मिलनी चाहिए. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उन्हें न्याय मिलना चाहिए.पुरुष भी अन्याय के शिकार हाे सकते हैं अशाेक कुमार मित्तल ने आगे कहा, मैंने संसद में ‘राष्ट्रीय पुरुष आयाेग’ विधेयक पेश किया था. हर पीड़ित काे न्याय, सहायता और कानून के तहत समान संरक्षण मिलना चाहिए. केतन का मामला इस बात की याद दिलाता है कि पुरुष भी अन्याय के शिकार हाे सकते हैं.मित्तल के अनुसार, पुरुषाें काे भी अन्याय के खिलाफ अपना पक्ष रखने के लिए एक सक्षम मंच मिलना आवश्यक है. उन्हाेंने मांग की है कि बिना किसी लैंगिक भेदभाव के हर पीड़ित काे समान न्याय और कानूनी सुरक्षा मिलनी चाहिए.