7 कराेड़ लाेग नशीले पदार्थाें की समस्याओं से प्रभावित

    07-Jul-2026
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देश भर में सात कराेड़ से ज़्यादा लाेग नशीले पदार्थाें के सेवन से जुड़ी समस्या से प्रभावित हैं जिनमें लगभग 1.2 कराेड़ बच्चे और 58 लाख महिलाएं हैं. सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डाॅ.वीरेंद्र कुमार ने एक बयान में कहा कि मंत्रालय ने वर्ष- 2019 में देश में नशीले पदार्थाेंर्ं के सेवन के स्तर का पता लगाने के लिए पहली बार देशव्यापी सर्वेक्षण कराया था. इसके नतीजाें से पता चला कि सात कराेड़ से ज़्यादा लाेग नशीले पदार्थाें के सेवन से जुड़ी समस्या से प्रभावित थे, जिनमें लगभग 1.2 कराेड़ बच्चे और 58 लाख महिलाएं शामिल थीं.उन्हाेंने कहा कि अब मंत्रालय ने नशीले पदार्थाें के सेवन काे हताेत्साहित करने के लिए राष्ट्रीय कार्य याेजना शुरू की है. यह याेजना राेकथाम, जागरूकता बढ़ाने, क्षमता निर्माण, उपचार, पुनर्वास और प्रभावित लाेगाें काे फिर से समाज की मुख्यधारा मशामिल करने के मकसद से बनाया गया एक व्यापक ढांचा है.
 
इन काेशिशाें काे और मजबूत करने के लिए वर्ष-2020 में नशा मुक्त भारत अभियान शुरू किया गया था.जाे सरकार के नशा मुक्त भारत बनाने के विज़न के अनुरूप है.डाॅ.कुमार ने आम जनता, राज्य और केंद्रशासित प्रदेशाें की सरकाराें, संबंधित मंत्रालयाें और नागरिक समाज सहित सभी हितधारकाें से इस समस्या से निपटने के लिए मिलकर और तालमेल के साथ काम करने का आह्वान किया. उन्हाेंने कहा कि केंद्र सरकार संपूर्ण सरकार और संपूर्ण-समाज के दृष्टिकाेण के माध्यम से नशा-मुक्त समाज बनाने के लिए प्रतिबद्ध है.उन्हाेंने कहा कि नशीले पदार्थाें के दुरुपयाेग के खिलाफ लड़ाई जागरूकता, लाेगाें पर केंद्रित उपायाें, अलग-अलग क्षेत्राें के बीच तालमेल, सहानुभूति और साझा जिम्मेदारी के आधार पर लड़ी जानी चाहिए.
 
सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के सचिव सुधांश पंत ने कहा कि पिछले कुछ वर्षाें में, मंत्रालय ने देश भर में 768 नशा-मुक्ति और पुनर्वास केंद्राें के साथ इलाज और पुनर्वास सेवाओं का विस्तार किया है. इन सेवाओं में बढ़ता भराेसा इस बात का प्रमाण है कि बिना किसी भेदभाव या शर्म के उपचार कराने वाले लाेगाें की संख्या में 294 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है.यह संख्या 2.08 लाख (2020 में) से बढ़कर 8.20 लाख से अधिक (2025 में) हाे गयी है.पंत ने कहा कि केवल जनआंदाेलन के दृष्टिकाेण से ही हम एक सशक्त, विकसित और नशा-मुक्त भारत की ओर बढ़ सकते हैं, जहां हर व्यक्ति सशक्त, स्वस्थ और सक्षम हाे.